महिला के हाथ-पैर बांधकर डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया. स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन के जरिए दवा दी. महिला चिल्लाती रही, लेकिन डॉक्टर ने एक न सुनी. दर्द से वह बदहवास हो गई. बिना बेहोश किए ही मरीज का ऑपरेशन कर दिया गया है. आरोप है कि बेड पर हाथ-पैर बांध दिया.
विरोध करने पर कहा गया कि यह जांच की प्रक्रिया है. इसके बाद बिना बेहोश किए पेशाब की नली में दूरबीन डालकर पथरी तोड़ने लगे. इसमें बेतहाशा दर्द हुआ. बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का मामला है. महिला के पेशाब की नली में 8.6 एमएम की पथरी थी. परिजन इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के यूरोलाजिस्ट डॉ. पवन कुमार एसके के पास लेकर आए. डॉक्टर ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन की बात कही.
इसे बाहर से मंगाने के लिए आठ हजार रुपये भी दिए गए. डॉक्टर ने बेहोश कर ऑपरेशन किया. दूसरी बार अल्ट्रासाउंड में 8.1 एमएम की पथरी मिली. डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज बुलाया और ऑपरेशन थियेटर में ले गए. ऑपरेशन थिएटर से निकलकर पति से इसकी शिकायत की. इस बीच दर्द कम नहीं हुआ. तीसरी बार अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि पथरी नहीं है. लेकिन पेशाब की नली के पास घाव हो गया है.
इसकी वजह से दर्द है. ऑपरेशन करने वाले डॉ. पवन कुमार एसके ने बताया कि हाथ-पैर बांधने का आरोप निराधार है. मरीज की पथरी तोड़ी गई थी, उसका चूरा और बुरादा पेशाब की नली में जमा हो गया था, जिसे हटाना जरूरी था.