नई दिल्ली:– सराफा बाजार में पिछले कुछ समय से सफेद धातु यानी चांदी की चाल ने हर किसी को हैरान कर रखा है। जिस तेजी से चांदी के दाम आसमान छू रहे थे, अब उसी रफ्तार से आई गिरावट ने निवेशकों और आम ग्राहकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। शनिवार को चांदी के भाव में हुई बड़ी गिरावट के बाद शहर के नया बाजार और सराफा मार्केट में सन्नाटा पसरा रहा।
वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए केवल चांदी ही नहीं, बल्कि अन्य कीमती धातुओं में भी निवेश करना फिलहाल जोखिम भरा हो सकता है। सराफा में हलचल, निवेशक परेशान: सराफा बाजार अंचल का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में लोग चांदी की सिल्लियों और सिक्कों में निवेश करते हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में चांदी के भाव चार लाख के स्तर को पार कर गए थे, लेकिन हालिया गिरावट ने निवेशकों के मुनाफे पर पानी फेर दिया है। सराफा व्यापारी मनोज जैन के अनुसार, दामों में अचानक आई अस्थिरता से ग्राहक ठिठक गया है। जो लोग ऊंचे भाव पर चांदी खरीद चुके थे, वे अब खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।
इसलिए जोखिम भरा है वर्तमान निवेश
सीए पंकज शर्मा के मुताबिक चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और औद्योगिक मांग में आई कमी के कारण है। चांदी में सोने की तुलना में अधिक अस्थिरता होती है। यह जितनी तेजी से बढ़ती है, उतनी ही तेजी से गिरती भी है। केवल चांदी ही नहीं, बल्कि तांबा, एल्युमीनियम और यहां तक कि प्लैटिनम के भावों में भी भारी फ्लक्चुएशन देखा जा रहा है।
जब तक बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक भारी निवेश से बचना चाहिए। ग्वालियर के छोटे निवेशकों को एकमुश्त रुपये लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करना चाहिए। वर्तमान में चांदी का चार्ट काफी रिस्की जोन में है। आगामी दिनों में भाव और भी नीचे जा सकते हैं, इसलिए जल्दबाजी में खरीदारी न करें।
निवेशकों के लिए तीन जरूरी टिप्स
पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई करें : सारा रुपया केवल चांदी में न लगाएं, सोने और अन्य स्कीमों में भी निवेश बांटें।
स्टाप लास का ध्यान रखें : यदि आप ट्रेडिंग कर रहे हैं, तो नुकसान की एक सीमा तय करें।
औद्योगिक मांग पर नजर : चांदी का बड़ा उपयोग उद्योगों में होता है, वैश्विक मंदी की खबरों पर नजर रखें
