नई दिल्ली:– अबू धाबी में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते फंसे सैकड़ों भारतीय यात्रियों की वापसी शुरू हो गई है। आज अबू धाबी से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंची पहली फ्लाइट में कई ऐसे यात्री सवार थे जो पिछले कुछ दिनों से वहां अटके हुए थे। यूएई पर बड़े पैमाने पर हमलों के बाद देश का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की थी।
मिसाइल हमले से यूएई में अफरातफरी
हमलों के दौरान अबू धाबी और दुबई समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों को यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन गिरते मलबे से अबू धाबी में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा, जिसके कारण सभी उड़ानें रद्द कर दी गई थीं।
स्पेशल फ्लाइट्स से हालात में सुधार
स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने के साथ विशेष और अपवादात्मक उड़ानें शुरू कर दी गई हैं। एतिहाद एयरवेज ने अबू धाबी से अपनी सेवाएं फिर बहाल कर दी हैं, और दिल्ली पहुंची यह पहली फ्लाइट फंसे यात्रियों को लेकर आई। कुछ यात्रियों ने बताया कि हालात अब काफी बेहतर हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। एक यात्री के अनुसार, “वहां की सरकार और एयर डिफेंस सिस्टम ने बेहतरीन काम किया। ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोक लिया गया। एयरलाइंस ने भी हमारी पूरी देखभाल की—होटल, भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था की गई।”
हमलों से सहमे पर्यटक
हालांकि, कुछ पर्यटक इन घटनाओं से डरे हुए दिखे। एक भारतीय यात्री ने बताया, “हम होटल की बालकनी से मिसाइलें और धमाकों का मंजर देख रहे थे। आसमान में तेज धमाके हुए और धुआं उठता दिख रहा था। काफी डर लगा, लेकिन अब हम सुरक्षित हैं।” कई यात्रियों ने यूएई प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों की सराहना की कि उन्होंने तेजी से हालात पर काबू पाया और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। एयरलाइंस ने भी फंसे हुए यात्रियों को विशेष सहायता उपलब्ध कराई।
एयरपोर्ट संचालन फिर पटरी पर
अब यूएई के हवाई अड्डों पर परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। एतिहाद समेत अन्य एयरलाइंस विशेष उड़ानें चला रही हैं ताकि बाकी यात्रियों को भी जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। भारतीय दूतावास भी सहायता के लिए सक्रिय है। फिलहाल प्राथमिकता सभी यात्रियों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करना है।
