मध्य प्रदेश:– पूर्व सीएम के लिए झांसी रेलवे स्टेशन पर चेन पुलिंग हुई है। उमा भारती को पंजाब मेल पकड़नी थी लेकिन वह समय से 2 मिनट पहले ही रवाना हो गई।
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के साथ बड़ा हादसा होते-होते बचा। पूर्व सीएम रविवार को झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए पहुंचीं थीं। लेकिन रेलवे के संचालन की लापरवाही के कारण उन्हें चलती हुई ट्रेन पकड़ना पड़ा। उमा भारती को झांसी रेलवे स्टेशन से पंजाब मेल ट्रेन पकड़ना था। इस घटना को लेकर उमा भारती ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया में लिखकर पूरी जानकारी दी है। उन्होंने रेलवे की ‘व्यावहारिक संवेदनशीलता’ पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उमा भारती ने कहा- जो घटना मेरे साथ हुई है वो आए दिन यात्रियों के साथ हो रही है। महिलाएं सामान और बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ती भागती हैं। बुजुर्गों के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं।
क्या लिखा उमा भारती ने सोशल मीडिया में
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए पूर्व सीएम उमा भारती सोशल मीडिया में लिखा- मैंने पहले मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। मेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई। जिसमें कोई अपराधी नहीं है बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है।
झांसी रेलवे स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों की समीक्षा की जानी चाहिए। मैं ट्रेन के आने से पहले ही झांसी रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी और यह ट्रेन निर्धारित समय से पहले ही झांसी पहुंच गई और निर्धारित समय से पहले ही रवाना भी हो गई।
मुझे प्लेटफॉर्म नंबर 1 से प्लेटफॉर्म नंबर 4 की ओर एक बैटरी-चालित गाड़ी में ले जाया जा रहा था, तभी बीच में, जिस पटरी को हमें पार करना था, उस पर काफी देर तक एक ट्रेन गुजरती रही और हमें इंतज़ार करना पड़ा। फिर, जब हम थोड़ा और आगे बढ़े, तो पटरी पर एक हाथगाड़ी फंसी हुई थी।
मेरे सुरक्षाकर्मियों ने उसे हटाने में मदद की फिर, जब मैं प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर पहुंचीं और जिस ‘पंजाब मेल’ ट्रेन में मुझे चढ़ना था, वह पहले ही चलने लगी थी, मुझे नहीं पता किसने चेन खींची, और मैं ट्रेन में बैठ पाई।
मैं स्टेशन पर समय पर पहुची थी तेज़ी से नहीं चल पाने की अपनी असमर्थता के कारण, मैं रेलवे स्टेशन पर थोड़ा पहले ही पहुंच गई थी। झांसी रेल मंडल के अधिकारी वर्षों से मेरी इस शारीरिक अक्षमता से अवगत हैं, इसलिए उन्होंने मेरे लिए एक बैटरी-चालित गाड़ी की व्यवस्था की थी, क्योंकि एक्सीलरेटर दबाने से भी मुझे तकलीफ हो सकती थी।
उमा भारती ने कहा मैं आपसे मिलकर चर्चा करूंगी
उमा भारती ने कहा- सब कुछ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार था। किसी की कोई गलती नहीं थी। फिर भी, ट्रेन में चढ़ने के दौरान मेरे तीन-चार मिनट बर्बाद हो गए। इसका पहला कारण था ट्रेन का समय से पहले आना और निर्धारित समय से 2 मिनट पहले ही रवाना हो जाना। फिर, जिस पटरी को मुझे पार करना था, उस पर अचानक काफी देर तक एक ट्रेन का गुजरना, और उसी पटरी पर एक हाथगाड़ी का फंसा होना। इसके लिए कौन ज़िम्मेदार हो सकता है? सिवाय इसके कि हमें रेलवे का आधुनिकीकरण तो करना चाहिए, लेकिन साथ ही पुरानी व्यवस्थाओं को भी चौकस रखना चाहिए। मैं आपसे मिलूंगी और मथुरा तथा झांसी में हुई इन घटनाओं पर चर्चा करूंगी।
अव्यवस्थाओं पर ध्यान दें
मैं इसे झांसी रेलवे अधिकारियों की गलती बिल्कुल नहीं मानती, न ही अपनी। यह पूरी व्यवस्था उन अधिकारियों द्वारा संचालित की जा रही थी, जो रेल के भीतर ही रेल चला रहे थे। मैं आपसे फिर कहूंगी कृपया इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दें।
