नई दिल्ली:–‘राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शाम 5 बजे अपने आधिकारिक आवास पर जेडीयू के सभी विधायकों, सांसदों और विधान पार्षदों (MLC) की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
माना जा रहा है कि इस बैठक में नीतीश कुमार अपने भविष्य के राजनीतिक कदमों को लेकर पार्टी नेताओं को जानकारी दे सकते हैं। साथ ही बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने के फैसले से जेडीयू के जमीनी कार्यकर्ताओं और नेताओं को बेचैन कर दिया है। पार्टी के अंदर इस फैसले को लेकर गहरा असंतोष और नाराजगी देखी जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नीतीश कुमार का बिहार की सक्रिय राजनीति से हटना पार्टी के अस्तित्व के लिए खतरा है।
JDU कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर
जदयू कार्यकर्ताओं की ये नाराजगी अब सड़कों और पोस्टरों पर भी दिखने लगी है। पटना में जदयू प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं, जिनके जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की भावुक अपील की गई है। पोस्टर का मुख्य संदेश लिखा है- “नीति सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर पुनः विचार”
जानकारी के मुताबिक निशांत कुमार जल्द ही औपचारिक रूप से जेडीयू में शामिल हो सकते हैं और पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते दिखाई दे सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि अगले एक सप्ताह के भीतर उनके जेडीयू में शामिल होने की संभावना है।
इधर सत्ता के समीकरण को लेकर एक और बड़ी चर्चा यह भी है कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष का पद बीजेपी को मिल सकता है। हालांकि इन संभावनाओं को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सियासी गलियारों में इन चर्चाओं से हलचल तेज हो गई है।
