बिहार :– विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र महागठबंधन ने अपना “बिहार संकल्प पत्र” जारी किया। तेजस्वी यादव ने इसे जनता के अधिकार और भविष्य का दस्तावेज़ बताया। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि बिहार केवल सरकार नहीं, बल्कि एक नई सोच और नीतियों से आगे बढ़े।
हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का कानून
महागठबंधन ने वादा किया कि सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर “एक परिवार, एक नौकरी” का अधिनियम लागू किया जाएगा। अगले 20 महीनों में भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। इसके अलावा, सभी संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला भी घोषणापत्र में शामिल है।
जीविका दीदियों को मिलेगा स्थायी दर्जा
सभी जीविका सीएम (Community Mobilisers) दीदियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा और उनका मासिक वेतन ₹30,000 तय होगा। ऋण पर ब्याज माफी, दो वर्षों तक ब्याजमुक्त ऋण और ₹2,000 मासिक भत्ता देने की घोषणा की गई। समिति के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को भी मानदेय मिलेगा।
महिलाओं के लिए ‘माई-बहिन मान योजना’
महिलाओं को 1 दिसंबर से ₹2,500 की मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। पांच साल में उन्हें ₹30,000 वार्षिक लाभ मिलेगा। साथ ही “BETI” और “MAI” योजनाओं के तहत बेटियों को शिक्षा, प्रशिक्षण और आय की सुविधा, तथा माताओं को मकान, अन्न और आय की गारंटी दी जाएगी।
किसानों और मजदूरों के हित में वादे
सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी।
APMC कानून को फिर से लागू कर मंडी प्रणाली को पुनर्जीवित किया जाएगा।
मनरेगा मजदूरी ₹255 से बढ़ाकर ₹300 की जाएगी और कार्य दिवस 100 से बढ़ाकर 200 होंगे।
केंद्र सरकार से पूरे देश में मनरेगा मजदूरी ₹400 प्रतिदिन तय करने की मांग की जाएगी।
पेंशन, स्वास्थ्य और दिव्यांग कल्याण
जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत ₹25 लाख तक का मुफ्त बीमा हर परिवार को मिलेगा।
वृद्धों और विधवाओं को ₹1,500 मासिक पेंशन दी जाएगी (हर वर्ष ₹200 की वृद्धि)।
दिव्यांगों को ₹3,000 मासिक पेंशन के साथ “दिव्यांग विकास कार्यक्रम” लागू किया जाएगा।
हर पंचायत में “दिव्यांग मित्र” नियुक्त किए जाएंगे।
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण
बिहार में 2000 एकड़ में Educational City और 5 नए एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है।
हर अनुमंडल में महिला कॉलेज और 136 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म व शुल्क समाप्त किए जाएंगे और परीक्षा केंद्र तक मुफ़्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी।
औद्योगिक और रोजगार नीति
राज्य में IT पार्क, SEZ, डेयरी व एग्रो आधारित उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में लाखों रोजगार सृजित किए जाएंगे।
लघु व मध्यम उद्योगों के लिए नई वित्तीय और कौशल नीति बनाई जाएगी।
आरक्षण और सामाजिक समानता
आरक्षण सीमा को 50% से अधिक करने के लिए संविधान की नौवीं अनुसूची में संशोधन भेजा जाएगा।
अतिपिछड़ों को 30%, अनुसूचित जातियों को 20% और अनुसूचित जनजातियों को आनुपातिक आरक्षण मिलेगा।
‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ लाया जाएगा।
अपराधों पर Zero Tolerance Policy लागू होगी, पुलिस अधिकारियों का निश्चित कार्यकाल तय किया जाएगा।
प्रवासी और अल्पसंख्यक कल्याण
प्रवासी मजदूरों के लिए समर्पित विभाग और डिजिटल डेटाबेस बनाया जाएगा।
दिल्ली, मुंबई, सूरत, बेंगलुरु और लुधियाना में बिहार मित्र केंद्र खोले जाएंगे।
वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
पंचायत प्रतिनिधियों और पारंपरिक कारीगरों के लिए कदम
पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना और ₹50 लाख का बीमा।
पूर्व प्रतिनिधियों को पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा।
नाई, बढ़ई, कुम्हार, लोहार, माली, मोची जैसी जातियों को ₹5 लाख का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा।
PDS वितरकों को मानदेय और अनुकंपा आयु सीमा 58 वर्ष से हटाई जाएगी।
