प्रधानमंत्री :– ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के किसानों की अनोखी पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने इस मॉडल को जल संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण बताया, जिसे देशभर में अपनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले के किसानों ने भूजल स्तर बढ़ाने के लिए एक बेहद सरल लेकिन प्रभावी तरीका अपनाया है। किसानों ने अपने खेतों में छोटे-छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाए हैं, जिससे बारिश का पानी बहने के बजाय जमीन में समाहित हो रहा है।
1200 से ज्यादा किसानों ने अपनाया मॉडल
इस पहल का असर अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। जिले के 1200 से अधिक किसान इस तकनीक को अपना चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप गांवों में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्रधानमंत्री ने इस प्रयास को ‘जनभागीदारी से जल संरक्षण’ का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक है।
मन की बात का 132वां एपिसोड
रविवार सुबह 11 बजे प्रसारित हुए ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देश और विदेश के श्रोताओं से संवाद किया। यह इस कार्यक्रम का 132वां एपिसोड और वर्ष 2026 का तीसरा प्रसारण रहा। ‘मन की बात’ को आम जनता से सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
किसानों की पहल से हुए बड़े बदलाव
जहां प्रधानमंत्री देशभर से जुड़े सकारात्मक प्रयासों और प्रेरणादायक कहानियों को साझा करते हैं। कोरिया जिले के किसानों की यह पहल यह साबित करती है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। जल संकट से जूझ रहे देश के लिए यह मॉडल एक प्रभावी और टिकाऊ समाधान के रूप में उभर रहा है।
