नई दिल्ली:– भारत एक बार फिर बांग्लादेश के लिए तारणहार बनकर आया है। ईरान की जंग के चलते दुनिया भर में आए ऊर्जा संकट के दौरान भारत ने बांग्लादेश को 5000 टन डीजल की सप्लाई भेजी है। खास बात है कि यह आपूर्ति उसी पाइपलाइन से की गई है, जिसका निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान किया गया था। इस आपूर्ति ने शेख हसीना के खिलाफ फैलाए गए जमात और BNP के उस प्रोपेगैंडा की भी पोल खोल दी है, जिसमें पाइपलाइन की भारतीय दबदबे का प्रतीक कहकर आलोचना की गई थी। शेख हसीना को भारतीय एजेंट तक कहा गया और उन पर देश बेचने का आरोप लगाया गया।
भारत विरोधी प्रोपेगैंडा का खुली पोल
शेख हसीना की अवामी लीग सरकार में सूचना मंत्री रहे मोहम्मद अली अराफात ने अब बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी और बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी पर हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, इस पाइपलाइन के बनने के BNP और जमात ने शेख हसीना पर देश को भारत के हाथों बेचने का आरोप लगाया था। उनका दावा था कि यह प्रोजेक्ट देश के हितों को बेचने का हिस्सा है। उन्हें अनगिनत आलोचनाओं और आरोपों का सामना करना पड़ा।
भारत-बांग्लादेश की दोस्ती से पाकिस्तान समर्थकों को समस्या
अराफात ने आगे लिखा कि अब उसी पाइपलाइन के जरिए भारत से डीजल आयात किया जा रहा है, जिससे देश की ईंधन आपूर्ति कुछ आसान और अधिक स्थिर हो गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय दबदबे का नैरेटिव पाकिस्तान समर्थक रजाकार ग्रुप ने मुक्ति संग्राम के दौरान बनाया था, जो आज भी प्रमोट किया जा रहा है।
अराफात ने शेख हसीना के विरोधियों पर निशाना साधा और कहा कि ‘वे बांग्लादेश की आजादी समर्थक ताकतों और भारत के बीच बराबरी के आधार पर बनी दोस्ती को भारतीय दबदबा कहते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी सोच अभी भी पाकिस्तान समर्थक आदर्शों के आगे झुके हुए हैं।’
अराफात ने कहा कि शेख हसीना के सत्ता में रहने के दौरान भारतीय दबदबे के बारे में अनगिनत कहानियां फैलाई गईं। फिर भी, वे अपने समय में भारत के साथ ऐसा एक भी समझौता नहीं दिखा पाए जो बांग्लादेश के हितों के खिलाफ गया हो। पूर्व सूचना मंत्री ने कहा कि शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान भारत ने नहीं, बल्कि बांग्लादेश ने नई दिल्ली से कई फायदे हासिल किए। लेकिन पाकिस्तानी सोच इसे पॉजिटिव तरीके से नहीं देख पाई।
भारत-बांग्लादेश ऑयल पाइपलाइन क्या है?
भारत और बांग्लादेश के बीच साल 2023 में क्रॉस-बॉर्डर ऑयल पाइपलाइन शुरू की गई थी। इसके पहले भारत रेलगाड़ी के जरिए बांग्लादेश को डीजल भेजता था।
यह पाइपलाइन भारत में सिलीगुड़ी के पास नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होती है और बांग्लादेश के दिनाजपुर में पार्वतीपुर रेलहेड डिपो तक जाती है।
2023 में पीएम मोदी और शेख हसीना ने इसका उद्घाटन किया था। उद्घाटन के दिन ही पाइपलाइन जरिए 90 लाख डीजल बांग्लादेश के पार्वतीपुर डिपो पहुंचा।
130 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन का निर्माण भारतीय लाइन ऑफ क्रेडिट से लगभग 3.46 अरब रुपये की लागत से बनाया गया है।
