नई दिल्ली:– असम के गुवाहाटी चिड़ियाघर से एक बाघ, एक गैंडा और एक जोड़ी हॉर्नबिल पक्षी को आज दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में लाया गया। इन वन्य जीवों को फिलहाल 21 दिनों तक प्राणी उद्यान के पृथक-वास में रखा जाएगा जिसके बाद लोग इन्हें यहां देख सकेंगे। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इससे भविष्य में यहां गैंडों के प्रजनन से इनकी संख्या बढ़ सकेगी। फिलहाल इस चिड़ियाघर में मात्र दो मादा गैंडे हैं।
इस बारे में दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि एक बाघ, एक गैंडा और एक जोड़ी ‘हॉर्नबिल’ पक्षी को आज सुबह यहां लाया गया। चिकित्सा जांच के बाद इन सभी को पृथक-वास में रखा गया है। उन्होंने बताया कि ‘सुल्तान’ नामक बाघ और ‘धर्मेंद्र’ नामक गैंडे को लाने का काम नौ सदस्यीय दल को सौंपा गया था, जो 11 सितंबर को असम से रवाना हुआ और आज शनिवार को यहां पहुंचा।ट
21 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे
डॉ. संजीत कुमार ने आगे बताया कि इन वन्य जीवों को 21 दिनों तक प्राणी उद्यान के पृथक-वास में रखा जाएगा। इस दौरान ये वन्य जीव डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे। इसके बाद इन्हें चिड़ियाघर के बाकी जानवरों के साथ रखा जाएगा, जिसके बाद लोग इन्हें देख सकेंगे। बता दें कि दिल्ली का राष्ट्रीय प्राणी उद्यान वर्तमान में लगभग 84 प्रजातियों के पशु-पक्षियों का घर है। इस चिड़ियाघर में पशु-पक्षियों की विभिन्न दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित किया गया है। इस प्राणी उद्यान में वन्यजीवों की लुप्तप्राय प्रजातियों के प्रजनन को बढ़ाने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। इस चिड़ियाघर में ऐसे कई पशु-पक्षी हैं जो एकल है, जिस कारण प्रजनन न होने से उनकी संख्या नहीं बढ़ पा रही। इसी के तहत इस जीवों को असम से यहां लाया गया है।
