
एक व्यक्ति नाम आशुतोष ठाकुर पिता लालबाबू ठाकुर निवासी कमतौल दरभंगा बिहार रेसुब पोस्ट बिलासपुर मे उपस्थित हुए और उक्त लगेज और मोबाइल फोन के बारे मे रेसुब स्टॉफ से पूछताछ करने लगे तब टी.ए. ड्यूटी स्टॉफ के पास चार्ज में रखें लगेजो को व्यक्ति के समक्ष खोलकर दिखाया गया उक्त व्यक्ति को लगेज की जान पहचान कर सही सलामत सुपुर्द किया गया। लगेज की मोबाइल सहित कुल कीमत लगभग 25,000रू है।*देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले जवानो के सामान की सुरक्षा रेलवे सुरक्षा बल बिलासपुर द्वारा प्रदान की गई* बिलासपुर प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल बिलासपुर ए. एन. सिन्हा तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर ऋषि कुमार शुक्ला के कुशल निर्देशन में रेल थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर सोनी के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल बिलासपुर गाड़ी संख्या 17007 में उप निरीक्षक मनीष कुमार को चेकिंग के दौरान कोच संख्या बी-6 मे एक लगेज लावारिस हालात मे मिला जिस संबंध में अगल-बगल के यात्रियों से पूछताछ में अज्ञानता जाहिर करने के बाद बिलासपुर पोस्ट मे लाकर गवाहों के समक्ष खोलकर देखा गया जिसमे आर्मी के कपड़े, पहनने वाले इस्तेमाली कपड़े, थर्मस, टिफिन बाक्स व एक नग लाल रंग का एम.आई. कंपनी का मोबाइल फोन था। जिसके आधार पर संभावित नंबर पर कॉल करने पर एक व्यक्ति आशुतोष ठाकुर से बात हुई जिन्होंने स्वयं को सीमा सुरक्षा बल का जवान होना बताया और यह सामान ट्रेन में मिला बताया जिसे पोस्ट में सुरक्षित जमा किया गया ।

एक व्यक्ति नाम आशुतोष ठाकुर पिता लालबाबू ठाकुर निवासी कमतौल दरभंगा बिहार रेसुब पोस्ट बिलासपुर मे उपस्थित हुए और उक्त लगेज और मोबाइल फोन के बारे मे रेसुब स्टॉफ से पूछताछ करने लगे तब टी.ए. ड्यूटी स्टॉफ के पास चार्ज में रखें लगेजो को व्यक्ति के समक्ष खोलकर दिखाया गया उक्त व्यक्ति को लगेज की जान पहचान कर सही सलामत सुपुर्द किया गया। लगेज की मोबाइल सहित कुल कीमत लगभग 25,000रू है।
