नई दिल्ली:– वास्तु शास्त्र में पति-पत्नी के सोने की दिशा और तरीके के बारे में बताया गया है. यानी कि घर में पति-पत्नी को किस दिशा में सिर करके सोना चाहिए या उनका बेडरूम कहां होना चाहिए. लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि बिस्तर पर पत्नी को पति के किस साइड सोना चाहिए.
वास्तु शास्त्र के अनुसार पति-पत्नी का कमरा दक्षिण दिशा मकी ओर होना चाहिए. साथ ही बेड लकड़ी का होना चाहिए और अच्छी स्थिति में होना चाहिए. टूटे-फूटे बेड पर कभी ना सोएं. साथ ही कमरे में हल्के रंगों का उपयोग करें.
वास्तु शास्त्र के मुताबिक पत्नी को पति की बाईं तरफ सोना चाहिए. पत्नी का पति के बाईं साइड सोना शुभ होता है. इससे वैवाहिक जीवन सुखी रहता है. साथ ही समृद्धि और संपन्नता बढ़ती है.
पत्नी के पति की बाईं तरफ सोने से पति की किस्मत भी उसका साथ देती है. पति की उम्र लंबी रहती है और उसकी सेहत भी अच्छी रहती है. धन-दौलत बढ़ती है
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब भगवान शिव ने अर्धनारेश्वर रूप लिया था तब उनके बाएं अंग से ही स्त्री तत्व यानी कि माता पार्वती प्रकट हुईं थीं. इसलिए हिंदू धर्म में पत्नी को वामांगी कहा गया है. यानी कि बाएं अंग की अधिकारी.
यही कारण है कि हर शुभ काम में पत्नी, पति के बाईं तरफ बैठती है. बल्कि विवाह संपन्न होते ही दुल्हन को दूल्हे के बाईं ओर बैठाया जाता है, इससे मतलब होता है कि अब वे पति-पत्नी हैं. यही वजह है कि पत्नी को पति के बाईं ओर ही सोना चाहिए.
यह भी मान्यता है कि जब यमराज सत्यवान के प्राण हरने आए थे तब वह बाईं ओर से आए थे और सावित्री ने अपने पति की रक्षा कर उनके प्राण बचाए थे.
यदि पति-पत्नी सोते समय इस बात का ध्यान रखें तो दोनों का जीवन सुखी रहता है और वे दांपत्य जीवन का पूरा आनंद लेते हैं.
