नई दिल्ली:- महासागरों का संसार अपने आप में बहुत सी विविधता समेटे हुए है. यहां पर बहुत ही विचित्र किस्म के जीव मिलते हैं. पर कम लोगों की यह पता होता है कि महासागरों के तल पर यह विविधता कम नहीं होती हैं. यहां सूर्य की किरणें कम जरूर पहुंचती हैं पर फिर भी यहां अजीब जीवों की भरमार होती है. आइए जानते हैं गहरे समुद्र तल के कुछ अजीब और रहस्यमी जीवों के बारे में.
महासागरों का संसार अपने आप में बहुत सी विविधता समेटे हुए है. यहां पर बहुत ही विचित्र किस्म के जीव मिलते हैं. पर कम लोगों की यह पता होता है कि महासागरों के तल पर यह विविधता कम नहीं होती हैं. यहां सूर्य की किरणें कम जरूर पहुंचती हैं पर फिर भी यहां अजीब जीवों की भरमार होती है. आइए जानते हैं गहरे समुद्र तल के कुछ अजीब और रहस्यमी जीवों के बारे में.
गल्पर ईल को पेलिकन ईल भी कहा जाता है. इसके विशाल मुंह खुद से भी बड़े जीव को निगल सकता है. इसका पेट दिखने में भले ही छोटा हो, लेकिन यह फैल कर बहुत बड़ा हो सकता है. इसका विशाल मुंह और पतला लेकिन बहुत लंबा पेट इसके खास तौर पर आकर्षक बनाता है.
अपने गुलाबी रंग के कारण यह छोटा सा समुद्री जीव सी पिग या समुद्री सुअर के नाम से जाना जाता है. वास्तव में यह सी कुकम्बर यानी समुद्री खीरे की प्रजाति होती है. यह समुद्र तल के दलदली मिट्टी में पाया जाता है. देखने पर लगता है कि इसके ट्यूब जैसे पैर समुद्री जमीन में धंसे हैं. ये जमीन पर गिरने वाली मरी हुई काई और जानवर आदि खाता है.
गल्पर ईल को पेलिकन ईल भी कहा जाता है. इसके विशाल मुंह खुद से भी बड़े जीव को निगल सकता है. इसका पेट दिखने में भले ही छोटा हो, लेकिन यह फैल कर बहुत बड़ा हो सकता है. इसका विशाल मुंह और पतला लेकिन बहुत लंबा पेट इसके खास तौर पर आकर्षक बनाता है.
बैरल आई फिश को स्पूक फिश भी कहा जाता है. ये अपने पारदर्शी मुंह की वजह से आकर्षित करती है. इसकी चार आंखें होती हैं जो पारदर्शी पीपे में फिट हुई दिखती हैं और उसी के अंदर घूम भी सकती हैं. इससे इन्हें बहुत अलग-अलग दिशाओं में देखने में मदद मिलती है. इस तरह का जीव पृथ्वी पर दूसरा नहीं है
यह अजीब सी मछली अपना शिकार वैसे ही पकड़ती है जैसे इंसान कांटे से मछली पकड़ते हैं. इसके लिए इसके नथुने पर एक छोटी से रॉडनुमा आकृति होती है. इसके शीर्ष पर खास तरह का प्रकाश निकलता है जिससे शिकार इसकी ओर आकर्षित होते हैं. इसी के जरिए वह अपने शिकार को पकड़ती है.
विशाल साइपोनेफोर वास्तव में एक जानवर नहीं बल्कि सिल्क का धागा अधिक लगता है. यह रस्सी जैसा पतला जीव 40 मीटर तक लंबा हो सकता है. यह अपनी खुद का प्रकाश पैदा करता है. इसकी खास बात यह है कि इसके अलग-अगल हिस्से एक ही काम करते हैं. एक हिस्सा शिकार पकड़ता है. एक हिस्सा खाना पचाने का काम करता, एक हिस्सा प्रजनन में काम आता है तो एक केवल तैरने के काम आता है.
विशाल आइसोपोड जमीन पर मिलने वाले बहुत से कीड़ों की तरह होता है पर समुद्र तल के नीचे यह 16 इंच तक के बड़े आकार में मिल जाता है. यह समुद्री तल पर घूम कर मरे हुए जीवों को खाकर अपना पेट भरता है. यह बहुत ही गहराई में और ठंडे पानी तक में देखने को मिल जाता है.
जापानी मकड़ीनुमा केकड़ा नाम के मुताबिक देखने में एक मकड़ी की तरह लगता है क्योंकि इसके पैर लंबे और मकड़ी के पैर जैसे होते हैं. पंजे से पंजे तक की इनकी लंबाई 12 फुट तक चली जाती है. आकार में बहुत बड़े होने के बावजूद ये शिकारी जानवर नहीं है. ये समुद्री के तल में पड़ी चीजों और मरे हुए जीव खाते हैं.
गहरे महासागर के इस शिकारी जीव के बहुत लंबे नुकीले सुई जैसे दांत होते हैं. इसकी पीठ पर लगे मीन पंख में खास तरह की रोशनी निकल सकती है. इसका उपयोग वे शिकार को आकर्षित करने के साथ ही गहरे अंधेरे समुद्र में जाने के लिए भी करते हैं।
