नई दिल्ली:– बच्चेदानी में गांठ होना कोई सामान्य समस्या नहीं है। इसकी वजह से महिला को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इससे पहले कि हम इस बात का जिक्र करें कि बच्चेदानी में गांठ होने पर किस तरह की प्रॉब्लम हो सकती है, यह जान लेना ज्यादा जरूरी है कि किस उम्रवर्ग की महिलाओं को यह बीमारी होने का जोखिम अधिक रहता है। विशेषज्ञों की मानें, तो करीब 25 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को बच्चेदानी में गांठ हो सकती है। इसकी वजह से महिलाओं की इंफर्टिलिटी प्रभावित होती है। ध्यान रखें, बच्चेदानी में गांठ होने पर महिला में हार्मोनल परिवर्तन देखे जा सकते हैं, जिससे कई अन्य परेशानियां भी होने लगती हैं। आइए, जानते हैं कि बच्चेदानी में गांठ होने से क्या-क्या परेशानी हो सकती है। इस बारे में हमने वृंदावन और नई दिल्ली स्थित मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की चिकित्सा निदेशक, स्त्री रोग और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शोभा गुप्ता से बात की।
हैवी ब्लीडिंग होना
सबसे पहले आप यह जानें की बच्चेदानी में गांठ होने से क्या होता है? बच्चेदानी में गांठ होने पर शुरुआती स्तर में उनके पीरियड्स ही प्रभावित होते हैं। इस दौरान महिला को हैवी ब्लीडिंग हो सकती है। यह असामान्य ब्लीडिंग होती है। अगर महिला को लंबे समय से नॉर्मल पीरियड्स होते हैं। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से हैवी ब्लीडिंग होने लगती है, तो उन्हें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
ब्लीडिंग के दौरान कमर दर्द, पेट दर्द होना सामान्य होता है। लेकिन, बच्चेदानी में गांठ होने पर अक्सर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग के साथ-साथ कमर दर्द या पेट दर्द हो सकता है। यह दर्द काफी तीव्र होता है, जो असहनीय हो सकता है।
ब्लीडिंग लंबे समय तक होना
विशेषज्ञों की मानें, तो सामान्यतः 3 से 7 दिनों तक होने वाले पीरियड्स को नॉर्मल माना जाता है और प्रत्येक 21 से 35 दिनों में यह साइकिल दोहराता है। हां, कुछ महिलाओं में पीरियड्स के दिन उक्त दिनों से कम या ज्यादा हो सकते हैं। इसके अलावा, पीरियड साइकिल के दिनों में भी फर्क हो सकता है। लेकिन, बच्चेदानी में गांठ होने पर पीरियड क्रैंप के साथ-साथ ज्यादा दिनों तक ब्लीडिंग भी हो सकती है।
शारीरिक संबंध बनाने में दर्द होना
बच्चेदानी में गांठ होने पर महिलाओं को शारीरिक संबंध स्थापित करते हुए दर्द का अहसास हो सकता है या फिर ब्लीडिंग भी हो सकती है। इस तरह की समस्या की अनदेखी करना सही नहीं है। अगर आपको इस तरह की परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करवाएं।
कमजोरी महसूस करना
जैसा कि पहले ही जिक्र किया है कि बच्चेदानी में गांठ होने से क्या-क्या दिक्कत हो सकती है? बच्चेदानी में गांठ होने पर महिला को हैवी ब्लीडिंग और पीरियड क्रैंप्स हो सकते हैं। ये दोनों ही स्थिति ऐसी है, जो महिला को थकान सकती है। ऐसे में महिला कमजोरी और लो-एनर्जी भी फील कर सकती है। अगर महिला को अन्य लक्षणों के साथ-साथ बहुत ज्यादा कमजोरी और थकान लगे, तो बेहतर है कि अपना उपचार करवाएं। साथ ही, कुछ घरेलू उपायों की मदद से अपनी खोई हुई एनर्जी को गेन करने की कोशिश करें।
