शरीर हड्डियों का ढांचा है। बैठने-उठने से लेकर चलने तक, शरीर का हर एक मूवमेंट हमारी हड्डियों पर ही निर्भर है। ऐसे में हमारी हड्डियों का ठीक रहना बेहद जरूरी है। लेकिन देखा गया है कि अब 30 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते लोग जोड़ों में दर्द जैसी समस्या के शिकार हो रहे हैं।
Nutritionist Lovneet Batra के मुताबिक ऐसा खासतौर पर महिलाओं के शरीर में होता है। इसलिए उन्हें 30 की उम्र के बाद अपनी हड्डियों की सेहत पर पूरा ध्यान देना चाहिए। लवनीत उन संकेतों के बारे में बात करती हैं, जो चीख-चीख कर बताते हैं कि हड्डियां कमजोर हो रही हैं।ये लक्षण बताते हैं हड्डियां कमजोर हो रही हैं
कैसे पता करें हड्डियां कमजोर हो रही हैं?कैसे पता करें हड्डियां कमजोर हो रही हैं?हड्डियां खुद बताती हैं: लवनीत बत्रा के मुताबिक हड्डियां खुद बताती हैं कि वो ठीक नहीं हैं। किसी भी तरह के दर्द को अनदेखा नहीं करना चाहिए। महिलाओं को पर्याप्त कैल्शियम की जरूरत होती है, जिसकी कमी किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए।
मुस्कान के पीछे कहानी: लवनीत के मुताबिक हमारे चेहरे की मुस्कान बता देती है कि असली कहानी क्या है। पैरों की हड्डियों से पहले दांतों पर कैल्शियम की कमी नजर आने लगती है। महिलाओं को इसे नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर अगर आप मां हैं।
विटामिन डी कीम: कैल्शियम के साथ-साथ शरीर को विटामिन डी की भी जरूरत होती है। हड्डियों को मजबूत बनाने में इसकी अहम भूमिका होती है। लवनीत के मुताबिक दुनियाभर में करीब 1 बिलियन लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं।
हड्डियां कमजोर होने के ये हैं कुछ बड़े कारणहड्डियां कमजोर होने के ये हैं कुछ बड़े कारणकैल्शियम की कमी: अगर शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी है तो इससे आपकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।इटिंग डिसऑर्डर: जो लोग खाने के विकार यानी एनोरेक्सिया से पीड़ित होते हैं। उनकी हड्डियां कमजोर होना आम बात है।
थायराइड की समस्या: थायराइड अधिक होने से भी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।ऑस्टियोपोरोसिस: ऑस्टियोपोरोसिस एक खास स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की कमर, रिस्ट और कूल्हों में फ्रैक्चर हो जाता है।
मेनोपॉज: मेनोपॉज की वजह से एस्ट्रोजन हार्मोन शरीर में कम बनता है, जोकि हड्डियों को मजबूत बनाए रखने का कार्य करता है।
