नई दिल्ली:– बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद यानी नेपोटिज्म का मुद्दा कोई नया नहीं है। फिल्मी सितारों पर सिर्फ अपने बच्चों या करीबियों को लॉन्च करने का आरोप लगाया जाता रहा है, काबिल होने के बावजूद आउटसाइडर्स काम के लिए तरसते हैं। 2020 में जब नेपोटिज्म का मुद्दा चरम पर था, तब अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन ने भी संसद भवन में इसके खिलाफ एक बयान दिया था।
जया बच्चन ने संसद भवन में नेपोटिज्म के खिलाफ बोलने वालों को लताड़ लगाते हुए कहा था, “जिस थाली में खाते हो उसी में छेद करते हो।” उनका ये बयान खूब चर्चा में रहा था। उस वक्त रणवीर शौरी जया की बातों से इतना भड़क गए थे कि उन्होंने भी ट्वीट किया था। अब रणवीर शौरी ने अपने चार साल पुराने ट्वीट को लेकर सफाई दी है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने इस मुद्दे पर बात की है।
चार साल बाद दी ट्वीट को लेकर सफाई
सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में रणवीर शौरी ने कहा, “मैंने जया जी की टिप्पणी पर ऐसा नहीं कहा था, उन्होंने उस समय जो कुछ भी कहा वह इंटरनेट पर छा गया था। हर कोई उस थाली के बारे में बात कर रहा था। इसलिए मैंने भी अपनी राय दी, लेकिन यह उनके जवाब में नहीं था। मुझे यह लिखते हुए बहुत गुस्सा आया होगा। पहले भी लोगों ने मुझसे कहा है कि मैं सोशल मीडिया पर काफी मोटिवेट होकर लिखता हूं। इसलिए शायद पीछे हट जाना बेहतर है।”
गुस्से में किया था ट्वीट
रणवीर शौरी ने आगे कहा, “आज अगर मुझे यही बात कहनी पड़े। तो शायद मैं इसे इतने सारकास्टिक तरीके से जाहिर नहीं करूंगा। मुझे इस पर इतना गुस्सा होने की जरूरत नहीं थी। मैंने ये तब लिखा है जब मेरे अंदर वो गुस्सा पनप रहा था, बॉलीवुड में दोहरा व्यवहार किया गया। इसलिए मुझे लगता है कि यह मेरा गुस्सा व्यक्त करता है।”
जया बच्चन पर निकाला था गुस्सा
जया बच्चन के ‘जिस थाली में खाते हो उसी में छेद करते हो’ वाले स्टेटमेंट से रणवीर शौरी बहुत खफा हुए थे। उन्होंने अभिनेत्री का बयान वायरल होने के बाद एक्स पर एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने लिखा था, “थालियां सजाते हैं यह अपने बच्चों के लिए। हम जैसों को फेंके जाते हैं सिर्फ टुकड़े। अपना टिफिन खुद पैक करके काम पर जाते हैं हम। किसी ने कुछ दिया नहीं है। जो है, वो है जो यह लोग हमसे ले नहीं सके। इनका बस चलता तो वो भी अपने ही बच्चों को दे देते।”
