: चूहों से फैलने वाले हंता वायरस ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 जनवरी से लेकर 1 जुलाई, 2024 तक 7 लोग हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) की चपेट में आ चुके हैं. जिनमें से तीन की मौत हो गई है. ये तीनों मरीज एरिजोना के हैं. स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट भी जारी कर दिया है. बता दें कि HPS सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है. जानिए यह वायरस कितना खतरनाक है और इससे कैसे बचा जा सकता है…
हंता वायरस क्या हैयह वायरस ग्रैंड कैन्यन राज्य में मिलने वाले हिरण चूहों से फैलता है. एक बार इसकी चपेट में आने के बाद बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है, जो बहुत जल्द सांस की तकलीफ बन सकती है. वैसे तो हंता वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता है लेकिन यह एक जगह तक सीमित नहीं रहता है, जिससे यह खतरनाक बन जाता है.हंता वायरस के लक्षणहंता वायरस की चपेट में आने पर थकान, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना, मतली, उल्टी और पेट दर्द जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इसके बाद खांसी और सांस में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं. रीनल सिंड्रोम (HFRS) के साथ रक्तस्रावी बुखार के लक्षण 1 से 8 हफ्ते के बाद नजर आते हैं. इसकी वजह से धुंधला नजर आने लगता है. गंभीर मामलों में लो ब्लड प्रेशर और किडनी फेलियर जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
हंता वायरस का इलाजसीडीसी के अनुसार, हंता वायरस का कोई खास इलाज या वैक्सीन नहीं है. हालांकि, अगर संक्रमितों की पहचान जल्दी हो जाती है तो उन्हें जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है. वहीं, स्थिति गंभीर होने पर मरीजों को इंटुबैट करते हैं. गंभीर सांस की समस्या होने पर ऑक्सीजन थेरेपी दी जाती है.हंता वायरस में मृत्यु दरसीडीसी के मुताबिक, हंता वायरस में मृत्यु दर 38% होती है. इस बीमारी का पता लगाने में एक से 8 हफ्तों का समय लग सकता है. एचपीएस का एक फैमिली ग्रुप होता है, जो मुख्य तौर से कृन्तकों से फैलता है. दुनियाभर में लोगों में अलग-अलग बीमारी सिंड्रोम की वजह बन सकता है.
