रायपुर. कल 29 जून को कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर केंद्रीय कर्मचारियों के समान 34% मंहगाई भत्ता एवं 7वें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता सहित अन्य कर्मचारी मांगों के लिए एक दिवसीय आंदोलन का आयोजन किया जाएगा. कलेक्ट्रेट से लेकर तहसील, पटवारी दफ्तर कहीं काम नहीं होगा. छत्तीसगढ़ के चार लाख से ज्यादा कर्मचारी अधिकारी एक साथ छुट्टी पर रहेंगे. विश्वविद्यालय और निगम, मंडल व आयोग के दफ्तर भी बंद रहेंगे.
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा के मुताबिक राज्य निर्माण के बाद यह पहला मौका है, जब कर्मचारी अधिकारियों को तहसील से लेकर जिले और संचालनालय तक हड़ताल कर चेतावनी देनी पड़ रही है. केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है. छत्तीसगढ़ के कर्मचारी अधिकारियों को अभी सिर्फ 22% ही महंगाई भत्ता मिल रहा है. छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजन में इस हड़ताल को लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारियों के दोनों गुटों यानी संजय सिंह और रोहित तिवारी ने समर्थन दिया है.
लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी सरकारी दफ्तरों की रीढ़ हैं, इसलिए उनके हड़ताल में शामिल होने से कल पूरी तरह से सरकारी काम ठप हो जाएंगे. इस आंदोलन में कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सर्व शिक्षक संघ शामिल रहेगा. संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक दुबे कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति चंद्रवंशी, प्रदेश सचिव विनय मौर्य,प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रकाश स्वर्णकार ने सर्व शिक्षक संघ के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अपील की.
कहा है कि मंहगाई भत्ता कर्मचारियों का अधिकार है वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में 12% कम मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है जबकि अन्य पड़ोसी राज्यों में राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान मंहगाई भत्ता प्रदान किया जा रहा है दिन ब दिन बढ़ती मंहगाई और कम मंहगाई भत्ते ने राज्य कर्मचारियों को आंदोलन के लिए विवश कर दिया है. वर्तमान में राज्य में कई तरह के मंहगाई भत्ता लागू है राज्य के आईएएस, आईपीएस, आईएफएस कर्मचारियों को केंद्र के समान मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है.
कहा है कि वहीं राज्य कर्मचारियों को केवल 22 % मंहगाई भत्ता जो कि केंद्रीय कर्मचारियों से 12 % कम है यह राज्य कर्मचारियों के साथ अन्याय है इस अन्याय के विरुद्ध हो रहे आंदोलन में हमारा संघ पूरी तरह से शामिल रहेगा,हालांकि सर्व शिक्षक संघ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का हिस्सा नहीं है किंतु यह आंदोलन कर्मचारी हित में है और यह समय की मांग भी है इसलिए हम इस आंदोलन में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाएंगे.