Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा डीलिस्टिंग की मांग को लेकर महारैली निकाली गई
    शीर्ष आलेख

    जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा डीलिस्टिंग की मांग को लेकर महारैली निकाली गई

    By Tv 36 HindustanApril 17, 2023No Comments5 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    रायपुर। राजधानी रायपुर में जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा डीलिस्टिंग की मांग को लेकर रविवार को एक बड़ा आंदोलन एवं महारैली निकाली। महारैली में हजारों की संख्या में जनजाति नागरिक शामिल हुए। रैली के बाद वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर के सामने सभा हुई। सभा को भाजपा के बड़े आदिवासी नेता नंदकुमार साय, जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत, संयोजक छत्तीसगढ़ भोजराज नाग सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

    भाषण में नेताओं ने कहा, जनजाति समाज की यह मांग है कि जिन नागरिकों ने अपनी मूल संस्कृति और अपने मूल धर्म को छोडक़र विदेशी धर्म (जैसे ईसाई या इस्लाम) अपनाया है उन्हें अनुसूचित जनजाति की श्रेणी से तत्काल बाहर किया जाए और इसके लिए आवश्यक संवैधानिक संशोधन किए जाए। छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों के द्वारा मूल जनजातियों के हिस्से की सुविधाओं को अवैध रूप से छीना जा रहा है, जिसमें आरक्षण भी एक प्रमुख तत्व है, इसलिए हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के जनजातियों के साथ-साथ देश के करोड़ों जनजातियों के साथ हो रहे अन्याय को रोका जाए और धर्मान्तरितों को डी-लिस्ट किया जाए।

    रायपुर में रविवार को हुए आदिवासियों के कार्यक्रम में बस्तर, अंबिकापुर, जशपुर, रायगढ़, कांकेर, नारायणपुर के आदिवासी पहुंचे थे। इनकी मांग है कि धर्म बदल चुके आदिवासियों को आरक्षण के फायदे से अलग किया जाए। इस प्रक्रिया को डी-लिस्टिंग कहा जाता है। यहां आए प्रदेशभर के आदिवासियों ने इस सवाल का जवाब दिया कि क्या आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण होता है ? बस्तर जिले से रायपुर आई बालमति नागेश ने बस्तर जिले के दूर-दराज के गांवों का हाल बयां किया। उन्होंने बताया, पिछले साल मेरे परिचय के कुछ आदिवासी परिवार ईसाई मान्यताओं के साथ जीने लगे। इसी तरह कई गांवों में ये पिछले कुछ सालों में हुआ है।

    ईसाई धर्म का प्रचार करने वाले लोगों से मिलते हैं, गरीबी दूर करने, स्वास्थ्य लाभ देने , शिक्षा की सुविधा दिलाने की बात कहकर प्रलोभन देकर ईसाई बनाया गया है। वो कहते हैं कि यदि किसी घर का एक सदस्य ईसाई मान्यताओं के साथ जीना शुरू करता है तो उसके पूरे परिवार और रिश्तेदारों को ईसाई बनने को कहा जाता है। इसके बाद देवी देवताओं की तस्वीरों को हटवाया जाता है। तुलसी चौरा को तोडऩे, तुलसी के पौधे को हटाने जला देने को कहा जाता है। ऐसा बहुत से ग्रामीण कर भी रहे हैं। कांकेर जिले के अमाबेड़ा गांव से आए आदिवासी युवक ने बिंसु राम मंडावी ने बताया कि हमारे इलाके में ईसाई धर्म का प्रचार होता है।

    कई आदिवासी समुदाय के लोग चर्च में प्रार्थना करने जाते हैं। मैंने देखा है कि गांव में कुछ लोग उन्हें फिर से हिंदू मान्यताओं से जीने को कहते हैं तो विवाद होता है, मगर बात थाने तक नहीं जाती, वो लोग नहीं मानते और ईसाई परंपरा के अनुसार जी रहे हैं। मेरे छोटे चाचा को भी वो लोग ले जाकर ईसाई बना दिए। अंबिकापुर से आईं श्याम कुमारी कुजूर ने कहा, उन्हें भी ईसाई बनाने का प्रयास कुछ लोगों ने किया। उनसे कहा कि आप भी चर्च आया करें, जीवन के कष्ट दूर होंगे। मगर इसके जवाब में श्याम कुमारी ने उनसे कह दिया कि हम अपने पुरखों को नहीं छोड़ेंगे, उनकी बताई जीवनशैली में ही जीना है और उसी में हम खुश हैं।

    अब प्रदेश में इसी बात पर विवाद है। रविवार को इसी वजह से रायपुर में डी लिस्टिंग सभा की गई। जिसमें मांग की गई कि जो धर्म बदल चुके हैं उन्हें सरकार से आदिवासियों को मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए। इसी वजह से प्रदेश के कई गांवों में टकराव और हिंसा के हालात बने हैं। जनजाति सुरक्षा मंच के प्रदेश संयोजक और भाजपा से पूर्व विधायक भोजराज नाग ने कहा, प्रदेश में अधिकांश जगहों पर रिकॉर्ड यानी की सरकारी तौर पर कोई भी आदिवासी ईसाई नहीं है। यानी की वो आदिवासी जो मान्यताओं को बदलकर ईसाई की तरह रहते हैं, सरकारी रिकॉर्ड में उन्होंने अपनी जाति नहीं बदलवाई वो आदिवासी ही हैं। उनके नाम वही है।

    धर्मांतरण करने वाले भी कोई डॉक्यूमेंट पर किसी का धर्मांतरण कर रहे हों, प्रशासन को जानकारी दे या ले रहे हों ऐसा नहीं है। बस्तर, नारायणपुर, सुकमा, कांकेर, रायगढ़ जिले के अंदरूनी गांव ऐसे हैं जहां पिछले कुछ सालों में चर्च बने हैं। वहां स्थानीय आदिवासी ही प्रार्थना के लिए जाते हैं। अब ये परिस्थिति भी अजीब है कि सरकारी रिकॉर्ड में कोई धर्मांतरण नहीं और चर्च किसके लिए बन रहे। प्रदेश में धर्म परिवर्तन करने का कोई ठोस आंकड़ा मौजूद नहीं है। समय-समय पर सरकार की तरफ से कहा जाता रहा है कि धर्मांतरण को लेकर आंकड़ों में कोई जानकारी नहीं है, न ही कहीं जबरन धर्म परिवर्तन की कोई स्नढ्ढक्र दर्ज हुई है।

    ऐसा इस वजह से भी है क्योंकि धर्म को बदलने वाले और दूसरा धर्म मानना शुरू कर चुके लोगों ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी ही नहीं है। सब विश्वास के जरिए हो रहा है। दूसरी तरफ जशपुर, रायगढ़ जैसे हिस्सों में घर वापसी यानी की दूसरे धर्मों में आ चुके आदिवासियों को मूल धर्म में लाने का अभियान चलता है। इसका भी कोई प्रशासनिक आंकड़ा नहीं है। केंद्रीय स्तर पर, भारत में कोई कानून नहीं है जो जबरन ‘धर्म परिवर्तन के मामले में कार्रवाई की बात करता हो। 1968 में ओडिशा और मध्य प्रदेश ने बल से ‘धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कुछ अधिनियमों को पारित किया। उड़ीसा के ‘धर्म परिवर्तन विरोधी कानून में अधिकतम दो साल की कारावास और जुर्माना लगाया गया जाता है।

    तमिलनाडु और गुजरात जैसे अन्य राज्यों में इसी तरह के कानून पारित हुए, जिसने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 295 ए और 298 के तहत अपराध के रूप में इस पर कार्रवाई होती है। इन प्रावधानों के अनुसार जबरदस्ती ‘धर्म परिवर्तन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को कारावास के साथ दंडित किए जाने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ में हमेशा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ये बात मीडिया में कहते रहे हैं, कि कोई भी जबरन किसी का धर्म परिवर्तन नहीं करवा सकता, इसकी शिकायत मिलने पर हम सख्त कार्रवाई करेंगे।

    Post Views: 0

    Hindi khabar Hindi news hindinews india Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleदेर रात बीजेपी नेता को मारी गई गोली ,हालत गंभीर
    Next Article दुनिया का सबसे पावरफुल रॉकेट आज होगा लॉन्च.इसे लेकर एलन मस्क बोले- सफलता शायद मिले, लेकिन…
    Tv 36 Hindustan
    • Website

    Related Posts

    अब 1 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार, सीएम साय ने कलेक्टरों को दिए ये बड़े निर्देश…

    April 16, 2026

    निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए चयन सूची जारी; इतने हजार से ज्यादा बच्चों की चमकी किस्मत, यहां देखें पूरी लिस्ट…

    April 16, 2026

    छत्तीसगढ़ में हीटवेव का अलर्ट; इन शहरों में सबसे ज्यादा असर, इतने डिग्री के पार तापमान…

    April 16, 2026

    प्रदेश में गर्मी का कहर शुरू, पारा 44 डिग्री के करीब, हीटवेव का अलर्ट जारी…

    April 16, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -ADS-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • अब 1 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार, सीएम साय ने कलेक्टरों को दिए ये बड़े निर्देश…
    • निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए चयन सूची जारी; इतने हजार से ज्यादा बच्चों की चमकी किस्मत, यहां देखें पूरी लिस्ट…
    • छत्तीसगढ़ में हीटवेव का अलर्ट; इन शहरों में सबसे ज्यादा असर, इतने डिग्री के पार तापमान…
    • प्रदेश में गर्मी का कहर शुरू, पारा 44 डिग्री के करीब, हीटवेव का अलर्ट जारी…
    • दुश्मन की हर चाल पर ‘अजीत’ की नजर, सेना को मिले इतने हाई-टेक स्वदेशी ड्रोन…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?