
नयी दिल्ली। काबुल में करते परवान गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी समेत खोस्त प्रांत में एक गुरुद्वारे के कार्यवाहक एक अफगान सिख को काबुल से निकाला गया है और तेहरान के रास्ते उन्हें भारत लाया जा रहा है।
केंद्र सरकार के साथ समन्वय और सोबती फाउंडेशन की मदद से दोनों भारतीय मूल के अफगान सिखों को अफगानिस्तान से निकालने का काम कर रहे इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने गुरुवार को बताया कि श्री गुरु नानक देव के 552वें प्रकाश पर्व की पूर्व संध्या पर आज सुबह दो अफगान सिखों को अफगानिस्तान से निकाला गया।
उन्होंने कहा, “ एक शख्स सतवीर सिंह हैं, जो पिछले 21 वर्षों से गुरुद्वारा करते परवान, काबुल के मुख्य ग्रंथी के रूप में सेवा कर रहे थे और एक सोरजीत सिंह हैं, जो खोस्त प्रांत के अफगान नागरिक हैं और वहां स्थित एक गुरुद्वारे के कार्यवाहक हैं। दोनों को भारत लाया जा रहा है। वे आज रात तेहरान में ठहरेंगे और कल रात महान एयर की उड़ान से दिल्ली हवाईअड्डे पहुंचेंगे। ”

श्री चंडोक ने कहा कि वह अफगानिस्तान में फंसे अफगान सिखों और हिंदुओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी और सहायता कर रहे हैं और उनकी जल्द और सुरक्षित वापसी के लिए केेंद्र सरकार के साथ समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में हिंदू और सिख समुदाय के 218 अफगान नागरिक केंद्र सरकार से ई-वीजा जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान संबंधी मामलों को देखने वाले विभाग, गृह मंत्रालय, काबुल में ईरानी दूतावास और सोबती फाउंडेशन का भारतीय मूल के अफगान सिखों को निकालने में मदद करने के लिए धन्यवाद किया है।