नई दिल्ली:– जनगणना-2027 में परिवार की गिनती अलग तरीके से होगी। 22 मई से शुरू होने जा रही जनगणना को लेकर विस्तृत गाइड लाइन जारी की गई है। इसके तहत रसोई के बंटने पर परिवार अलग माना जाएगा। मतलब एक ही घर में दो चूल्हा जलने पर परिवार की संख्या दो मानी जाएगी। इसके साथ हर घर को यूनिक नंबर मिलेगा। जिला प्रशासन को भेजी गई गाइड लाइन में कहा गया है कि इस बार की जनगणना तकनीकी रूप से अधिक सटीक होगी। गांवों के मजरों को ब्लाक के रूप में बांटा जा रहा है, वहीं शहर में अपार्टमेंट को यूनिट स्तर पर तय किए जा रहे हैं। लगभग 800 घरों पर एक गणना ब्लाक कटेगा। इसी तरह तीन से चार अपार्टमेंट को एक यूनिट निर्धारित किया गया है। वहीं, शहर के मोहल्लों में एक ब्लाक में 900 घर शामिल किए जा रहे हैं। शहर से लेकर गांवों तक में इन दिनों ब्लाक और यूनिट बनाने के कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। जनपद में कुल लगभग 17 हजार गणनक और सुपरवाइजरों लगाए जाएंगे। पहले चरण में घरों की गिनती होगी। जनगणना एप डिजी डाट के जरिए हर घर को एक यूनिक पहचान दी जाएगी। घर की भौगोलिक स्थिति को उसके पते से जोड़ा जाएगा। यह यूनिक डिजिटल आइडी होगी। गिनती के लिए आने वाले गणनक मोबाइल एप से घर की लोकेशन को लाक करेंगे। इससे मैप पर एक डिजिटल बिंदु (डाट) बन जाएगा। गणनक यह भी देखेंगे कि घर में कितने कमरे हैं, उसमें रहने वालों की संख्या कितनी है।
एसडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह का कहना है कि गणना ब्लाक व यूनिट के गठन का काम चल रहा है। गणनकों और सुपरवाइजरों की तैनाती की जा रही है। पहले चरण में मकानों की गिनती होगी, फिर दूसरे चरण में लोगों की गणना कराई जाएगी। घर में जितनी रसोई होगी, उतने परिवार माने जाएंगे। हर घर को यूनिक आइडी दी जाएगी।
जनगणना में आप भी कर सकते हैं सहयोग
डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना में आनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वगणना कर सकते हैं। यह प्रक्रिया दो चरणों में होगी, जिसमें जाति-आधारित गणना शामिल है। इस डेटा से पता चलेगा कि कहां-किसकी जरूरत है, किसे मदद चाहिए। डेटा इकट्ठा करने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते हुए इसमें पूरी आबादी को शामिल किया जाएगा।
दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया
पहला चरण : हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (22 मई से 20 जून 2026 तक) चलेगी। इसमें भवनों की लिस्ट, निर्माण सामग्री, पेयजल, स्वच्छता, घरेलू संपत्ति, खाना पकाने का ईंधन आदि 33 मापदंडों पर डेटा एकत्र किया जाएगा। साथ ही घर के मुखिया का लिंग (पुरुष/महिला/ट्रांसजेंडर) भी दर्ज किया जाएगा।
दूसरा चरण : पापुलेशन एन्यूमरेशन (फरवरी 2027) में व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, आयु, लिहाज, जन्म तिथि, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, नौकरी (प्राइवेट/सरकारी), व्यवसाय, धर्म, जाति/जनजाति, दिव्यांगता और प्रवास इतिहास दर्ज किया जाएगा। इस सर्वे में बेघर लोगों को शामिल किया जाएगा।
