नई दिल्ली:– वायरल गर्ल की शादी के मामले में जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में पता चला है कि मोनालिसा नाबालिग थी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसका निकाह कराया गया. इसके बाद आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो और एट्रोसिटी एक्ट में मामला दर्ज कर लिया गया है.
महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में खुलासा हुआ है कि मोनालिसा नाबालिग है. महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें लड़की की जन्म तारीख 30 दिसंबर 2009 पाई गई. इस हिसाब से मार्च 2026 में हुई शादी के समय उसकी उम्र कानूनी रूप से कम थी.
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निकाह के समय लड़की की उम्र करीब 16 साल 2 महीने थी. मिली जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका से जारी एक गलत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर केरल के एक गांव में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया. अब इस रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस खुलासे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी तरह की लापरवाही सामने आ सके.
मामले में एक और बड़ा खुलासा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें पता चला है कि कुछ संगठनों और राजनीतिक कनेक्शन की आशंका जताई गई है. वहीं आयोग के सामने केरल के कुछ नेताओं और संगठनों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या एजेंडा हो सकता है. जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी और लड़की पिछले तीन महीनों से अलग-अलग वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे. इसके बाद शक और गहराता गया है.
दोनों राज्यों के DGP को तलब
वहीं इस मामले को गंभीरता से देखते हुए, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को भी दिल्ली तलब किया है और नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इसमें मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का कनेक्शन तो नहीं है. प्रशासन का कहना है कि पीड़ित आदिवासी लड़की को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
