भारी आर्थिक संकट की सामना कर रही दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया के निदेशक मंडल ने स्पेक्ट्रम नीलामी की किश्त पर ब्याज और समायोजिक सकल राजस्व(एजीआर) के बदले सरकार को शेयर जारी करने को अनुमोदित कर दिया है।
इसको जारी किये जाने पर कंपनी के प्रवर्तक सहित सभी शेयरधारकों की वर्तमान हिस्सेदारी में कमी आयेगी। कंपनी ने शेयर बाजार को आज यह जानकारी देते हुये कहा कि इसके तहत कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 35.8 प्रतिशत हो जायेगी। कंपनी के प्रवर्तकों वोडाफोन ग्रुप की हिस्सेदारी 28.5 प्रतिशत और आदित्य बिरला समूह की हिस्सेदारी 17.8 प्रतिशत रह जायेगी।
कंपनी ने कहा कि ब्याज का शुद्ध वर्तमान मूल्य करीब 16 हजार करोड़ रुपये होने का अनुमान है और इस संबंध में दूरसंचार विभाग की जानकारी मिलनी शेष है। कंपनी ने कहा कि 14 अगस्त 2021 को उसके शेयर का औसत मूल्य अंकित मूल्य से कम था और सरकार को ये शेयर 10 रुपये प्रति शेयर जारी किये जायेंगे। इस संबंध में अंतिम पुष्टि दूरसंचार विभाग द्वारा किया जायेगा।
पिछले वर्ष अक्टूबर में जारी टेलीकॉम राहत पैकेज में दूरसंचार कंपनियों के लिए वैधानिक नियमित भुगतान के लिए नये दिशा निर्देश जारी किये। इसके तहत वोडाफोन आइडिया ने स्पेक्ट्रम की किश्त को चार वर्ष तक टालने और एजीआर से जुडे बकाये को भी चार वर्षाें तक स्थगित करने के विकल्प का चयन किया था। दूरसंचार विभाग ने कंपनी को इस राहत अवधि में भुगतान की जाने वाली किश्तों के ब्याज को शेयर में बदलने के लिए 90 दिनों का समय दिया था।