नई दिल्ली. ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन अगले तीन साल में करीब 11,000 नौकरियों में कटौती की योजना बना रही है। यह छंटनी टेलीकॉम कंपनी की रणनीतिक योजना का हिस्सा है। बता दें कि वोडाफोन की सर्विस भारत में भी है। भारत में यह कंपनी आदित्य बिड़ला समूह के आइडिया के साथ सक्रिय है।Vodafone कंपनी की सीईओ डेला वैले ने कहा-हमारा प्रदर्शन काफी अच्छा नहीं रहा है। वोडाफोन में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हम अपने संगठन को सरल बनाएंगे, अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को फिर से हासिल करने के लिए मुश्किलों को कम करेंगे।
हम अपने ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सेवा देने के लिए संसाधनों का आवंटन करेंगे।” सीईओ ने कहा कि इसी कड़ी में 11000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। उम्मीद है कि हम एक सरल संगठन बनेंगे। वोडफोन ने FY23 में सुस्त नतीजों की सूचना दी। कंपनी के भारतीय कारोबार में भी कई संकट हैं। यह कंपनी भारत में भारी कर्ज में डूबी है। खासतौर पर सरकार का बकाया ज्यादा है। यही वजह है कि बीते दिनों सरकार ने कंपनी में हिस्सेदारी खरीदी।वोडाफोन ने पहले ही दिए थे छटनी के संकेतइसी साल जनवरी को भी एक खबर आई थी कि वोडाफोन ने अगले 5 साल में सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी का प्लान बनाया है।
मार्केट में मंदी (Recession in World) के असर को देखते हुए वोडाफोन ने नवंबर 2022 में ही अपने कॉस्ट कटिंग का ऐलान कर दिया था। कंपनी ने ऐलान किया था कि कंपनी साल 2026 तक अपने खर्च में 1.08 बिलियन डॉलर तक की कमी करेगी।
अमेज़न ने भारत में लगभग 500 कर्मचारियों को अलग-अलग क्षेत्रों से छंटनी की है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि डाउनसाइजिंग का यह नया दौर मार्च में सीईओ एंडी जेसी द्वारा घोषित व्यापक छंटनी का हिस्सा है, जो लगभग 9,000 कर्मचारियों को प्रभावित करता है।
कुछ प्रभावित कर्मचारी भारत से काम करने वाली अमेज़न की वैश्विक टीमों का हिस्सा हैं। कुछ दिन पहले अमेजन द्वारा ऑनलाइन पोस्ट किए गए कर्मचारियों के लिए एक नोट में जेसी ने 9,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा करते हुए कहा था कि निर्णय प्राथमिकताओं के चल रहे विश्लेषण और अर्थव्यवस्था के बारे में अनिश्चितता से पैदा हुई है।