नई दिल्ली:– सुप्रीम कोर्ट से यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों पर रोक लगने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने UGC के नियमों को सनातन धर्म को बांटने वाला बताया। जब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई तो उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि UGC के नियमों पर रोक भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है।
भूमिहार जाति से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि सनातन धर्म को बांटने वाले UGC के नियमों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दिल से आभार। मोदी सरकार की पहचान ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सनातन धर्म की अटूट एकता है।” उन्होंने यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया, लेकिन कुछ समय बाद इसे डिलीट कर दिया।
मोदी-शाह का जताया आभार
इसके बाद एक नए ट्वीट में गिरिराज सिंह ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि UGC के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से देश के छात्रों, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को बड़ी राहत मिली है। मोदी सरकार की पहचान ‘सबका साथ, सबका विकास’ और न्याय, संतुलन और संवैधानिक मूल्यों की एकता के साथ मजबूत सुरक्षा है।
गौरतलब कि हाल ही में UGC ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के साथ जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए नए नियम लागू किए थे। इन नियमों के तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एक इक्विटी कमेटी बनाने और जातिगत भेदभाव की शिकायत पर कार्रवाई करने की बात कही गई थी। नए नियम लागू होने के बाद, देश भर में उच्च जातियों द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। उच्च जातियों का दावा है कि इन नियमों का उनके खिलाफ दुरुपयोग किया जा सकता है।
UGC के नए समानता नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को UGC के नए नियमों पर रोक लगा दी। सरकार से इन नियमों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने को कहा गया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करता है तो भविष्य में सामाजिक विभाजन हो सकता है।
