नई दिल्ली:– आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब दवाइयों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है, तब लोग फिर से प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में कलौंजी को आयुर्वेद में “हर बीमारी की दवा” बताया गया है। कलौंजी को आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों में बहुत गुणकारी माना गया है।
इसके औषधीय गुणों के कारण इसे हर बीमारी का इलाज” भी कहा जाता है। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि कलौंजी खाने से कौन सी बीमारी ठीक होती है।
कलौंजी खाने से कौन सी बीमारी ठीक होती है
डायबिटीज के मरीजों
आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार, कलौंजी का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए बड़ा फायदेमंद हो सकता है। कलौंजी के बीज ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह शरीर में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को राहत मिलती है।
अस्थमा के मरीजों
कलौंजी का सेवन डायबिटीज मरीजों के अलावा,अस्थमा के मरीजों के लिए भी फायदेमंद बताया गया है। कलौंजी में मौजूद ‘थाइमोक्विनोन’ नामक तत्व श्वसन नली की सूजन को कम करता है, जिससे अस्थमा और पुरानी खांसी में आराम मिलता है।
वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म में सहायक
कलौंजी में एंटी-ओबेसिटी गुण होते हैं। खाली पेट गुनगुने पानी और शहद के साथ कलौंजी का सेवन करने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिलती है।
याददाश्त और स्मरण शक्ति बढ़ाता है
एक्सपर्ट्स बताते है कि, कलौंजी का सेवन करने से दिमाग तेज होने के साथ स्मरण शक्ति बढ़ाता है। कहते है, शहद के साथ कलौंजी खाने से अल्जाइमर जैसी समस्याओं में भी फायदा मिलता है। अगर आपकी याददाश्त और स्मरण शक्ति कमजोर है तो आपको कलौंजी का सेवन जरुर करना चाहिए।
सूजन और जोड़ों के दर्द से राहत
कलौंजी के सेवन से सूजन और जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है। ये बीज सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करते है।
इम्युनिटी बूस्टर
कलौंजी में एंटीऑक्सीडेंट (जैसे थाइमोक्विनोन) होते हैं, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने और सर्दी-खांसी से बचाने में मदद करते हैं।
बाल और त्वचा
इसका सेवन बालों को झड़ने से रोकने और त्वचा को स्वस्थ व दाग-धब्बे रहित बनाने में सहायक है।
सेवन का सही तरीका
सुबह खाली पेट
आधा से एक चम्मच कलौंजी के बीजों को थोड़ा सा कूटकर गुनगुने पानी के साथ निगल लें।
शहद के साथ
एक चम्मच शहद में थोड़े से कलौंजी के बीज मिलाकर खाना फायदेमंद है।
पाउडर
कलौंजी का पाउडर बनाकर पानी या सलाद के साथ लिया जा सकता है। आप इसे सलाद, सूप या पराठों (कलौंजी का पराठा) में मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
