बिहार :– मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है. इससे जुड़े घटनाक्रम की कड़ी में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा ने बड़ा संगठनात्मक दायित्व दिया है. उन्हें बिहार में भाजपा विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है. शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाने से अब यह संकेत साफ है कि पार्टी विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
दरअसल, किसी भी राजनीतिक पार्टी के भीतर यह जिम्मेदारी आम तौर पर उन नेताओं को दी जाती है जिन पर केंद्रीय नेतृत्व को पूरा भरोसा होता है. शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं और संगठन के अनुभवी चेहरे माने जाते हैं. अब जब बिहार जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील प्रदेश में भाजपा के नेता चयन की जिम्मेदारी सामने आई है तो शिवराज सिंह चौहान को इसके लिए आगे किया गया है.
पर्यवेक्षक की भूमिका होगी अहम
शिवराज सिंह चौहान एक अनुभवी नेता हैं और संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है. पर्यवेक्षक के तौर पर वे विधायकों के बीच रायशुमारी करेंगे, सहमति बनाएंगे और विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू ढंग से संपन्न कराएंगे. यह पद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधायक दल का नेता ही आगे मुख्यमंत्री पद का चेहरा बन सकता है.
