नई दिल्ली:– अप्रैल 2026 में बेमौसम बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिन मौसम बारिश से किसानों की फसलों चौपट हो गई हैं। उत्तर भारत में अप्रैल में फरवरी की तरह मौसम हो गया है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है। राजधानी दिल्ली में अप्रैल में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहता था, जो अब 21 डिग्री तक पहुंच गया है।
लगातार बारिश, ओले पड़ने और ठंडी हवाओं की वजह से गर्मी की जगह लोगों को ठंडी का एहसास हो रहा है। अप्रैल के महीने में ठंडी से लोग हैरान हैं। भारतीय मौसम विभाग ने 9-11 अप्रैल के बीच एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की चेतावनी जारी है। इससे पहले मार्च में भी कई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आए थे, जिसके कारण बारिश हुई थी।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक मौसमी सिस्टम है, जिसकी शुरुआत मध्य भूमध्य सागर से होती है। सामान्य तौर पर दिसंबर से फरवरी तक ज्यादा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। लेकिन अब मार्च-अप्रैल में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ज्यादा बार आने लगा है। इस साल मार्च-अप्रैल में लगातार दो-दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय रहे, जिसकी वजह से अप्रैल में फरवरी जैसी ठंड और बारिश की वजह हैं। इसकी वजह से सिर्फ वेस्टर्न डिस्टर्बेंस नहीं हैं। इसमें अरब सागर की नम हवाएं भी सबसे बड़ी वजह हैं।
भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि अरब सागर से बहुत ज्यादा नमी इन सिस्टम में मिल रही है। राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। अरब सागर की गर्म और नम हवाओं को खींच रहा है। जब इस नमी से ठंडी हवा वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की टक्कर होती है, तो बादलों का निर्माण होता है। गरज-चमक होती है और ओले गिरते हैं। इसके कारण तापमान तेजी से नीचे आता है। अरब सागर की नमी और राजस्थान के ऊपर बनने सर्कुलेशन से इस बार यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मजबूत हो गया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि नॉर्थ पोल का आर्कटिक क्षेत्र तेजी से गर्म हो रहा है। इसके कारण ऊपरी हवाओं की पट्टी पहले से अधिक लहरदार हो गई है। सामान्य जेट स्ट्रीम सीधी रहती थी, जो अब U-शेप वाली लहरें बन रही है। इससे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कम ऊंचाई तक पहुंच रहे हैं। अप्रैल-मई में भी सक्रिय रह रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, 9-10 अप्रैल तक बारिश और ओले पड़े सकते हैं। इसके बाद 11 अप्रैल से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आएगा। इससे उम्मीद है कि धीरे-धीरे गर्मी बढ़ेगी।
शोध और मौसम विभाग दोनों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अब सर्दियों से आगे बढ़कर वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) में भी अधिक सक्रिय हो रहे हैं। बिना मौसम बारिश, ओले पड़ रहे और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव आ रहे हैं। इस समय पूरे उत्तर भारत में ठंड, बारिश और नमी हैं। अप्रैल में फरवरी की तरह मौसम सामान्य घटना नहीं है।
