नई दिल्ली :– हरियाली तीज के बाद अब सुहागिन महिलाओं के बीच रखे जाने वाले कजरी व्रत को लेकर भी तैयारियां अंतिम दौर पर है इसे लेकर महिलाएं तैयारियां कर रही है। हिंदू धर्म में इस व्रक के महत्व के साथ इस व्रत कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने की इच्छा से करती है। भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करते हुए सच्चे मन और नियम के साथ व्रत रखा जाता हैं लेकिन क्या आपको पता हैं इस दिन क्या खाना चाहिए और किन चीजों को खाने से बचना चाहिए।
22 अगस्त को रखा जाएगा व्रत
आपको बताते चलें कि, कजरी व्रत इस साल 22 अगस्त को रखा जाने वाला हैं इस व्रत की महिला हरियाली तीज और हरितालिका तीज की तरह ही महत्वपूर्ण है। इस व्रत के नियमों सब एक से होते हैं इस दौरान क्या खाना सही माना जाता हैं और किन चीजों का सेवन वर्जित मानते हैं इसके बारे में बताया गया है।
जानिए व्रत में क्या खाएं
व्रत के नियमों के मुताबिक, सुहागिन महिलाएं कजरी तीज का निराहार व्रत रखती हैं. यानी पूरे दिन कुछ भी नहीं खाती हैं। इसके साथ ही कुछ महिलाएं फलाहार कर सकती हैं, जिसमें फल, सब्जियां और दही शामिल हो सकते हैं। व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए समय-समय पर थोड़ा-थोड़ा पानी पी सकती हैं.
जानिए व्रत में क्या न खाएं
कजरी व्रत के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए इसे लेकर चलें तो हर व्रत की तरह इसमें भी कई चीजों के सेवन को वर्जित मानते है। चावल, रोटी, दाल आदि अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए और वहीं पर मांसाहार का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। व्रत में सादा नमक की बजाय सेंधा नमक खाने की परंपरा होती है।
जानिए कजरी व्रत की महिमा
यहां पर हिंदू धर्म में कजरी व्रत के महत्व को समझें तो, यह मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए होता है और यह व्रत उनके सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है,माना जाता है कि इस दिन उनकी पूजा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता आती है और परिवार में सुख-शांति रहती है। इसके अलावा कजरी व्रत का महत्व कहता है कि, कजरी तीज का व्रत संतान प्राप्ति के लिए भी किया जाता है. कजरी तीज भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस दिन महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजती हैं और कजरी गीत गाती हैं।
