रायपुर । फरवरी का महीना शुरु होते ही ज्यादातर लोग वेलेंटाइन वीक का बेहद बेसब्री से इंतजार करते हैं. वहीं वेलेंटाइन डे को स्पेशल बनाने में भी लोग कोई कसर नहीं छोड़ते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 14 फरवरी को यू ही वेलेंटाइन डे नहीं मनाया जाता है. इस दिन वेलेंटाइन डे मनाने के पीछे बुहत खास महत्व है. जिसकी वजह एक संत से जुड़ी हुई है.
वेलेंटाइन डे को प्यार का दिन कहा जाता है. जिसके चलते दुनिया भर में 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे बेहद धूम-धाम से मनाया जाता है. तो आइए हम आपको बताते हैं 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे मनाने की असली वजह और इस दिन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में.वेलेंटाइन डे का इतिहासवेलेंटाइन डे की कहानी रोम के एक संत पर आधारित है. जिनका नाम संत वेलेंटाइन था. दरअसल 270 ईसवी में रोम के राजा क्लाउडियस प्रेम के बिल्कुल खिलाफ थे. वहीं किंग क्लाउडियस लव मैरिज का भी पुरजोर विरोध किया करते हैं.
क्लाउडियस का मानना था कि, प्रेम को बढ़ावा देने से रोम के सैनिकों का ध्यान भंग होने लगेगा. जिससे रोम की सेना कमजोर हो जाएगी. यही कारण था कि किंग क्लाउडियस ने सैनिकों के शादी करने पर भी पाबंदी लगा दी थी.संत वेलेंटाइन की कहानीकिंग क्लाउडियस जहां एक तरफ प्रेम के विरोधी थे. तो वहीं दूसरी तरफ संत वेलेंटाइन प्रेम का खुलकर प्रचार किया करते थे. इसी कड़ी में संत वेलेंटाइन ने ना सिर्फ क्लाउडियस की विचारधारा को गलत ठहराया बल्कि राजा के खिलाफ जाकर कई शादियां भी करवाई.
जिसके चलते किंग क्लाउडियस ने संत वेलेंटाइन को फांसी की सजा सुना दी और 14 फरवरी के दिन ही संत वेलेंटाइन को फांसी दे दी गई थी. जिसके बाद इस दिन को रोम सहित पूरी दुनिया में प्यार का दिन कहा जाने लगा और विश्वभर में वेलेंटाइन डे मनाने का प्रचलन शुरु हो गया.वेलेंटाइन डे की शुरुआत रोमन फेस्टिवल से की गई थी.
दुनिया का पहला वेलेंटाइन डे 496 में मनाया गया था. जिसके बाद 5वीं शताब्दी में रोम के पोप गेलैसियस ने 14 फरवरी को सेंट वेलेंटाइन डे घोषित कर दिया. तब से हर साल 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के रुप में रोम सहित पूरी दुनिया में बेहद धूम-धाम से मनाया जाता है. वहीं रोम के कई शहरों में 14 फरवरी को सामूहिक विवाह का भी आयोजन किया जाता है