
क्षेत्रीय विधायक खेलसाय सिंह हुए शामिल
सर्व यादव समाज प्रदेशाध्यक्ष रमेश यदु भी पहुंचे
सूरजपुर :- द्वारिकापुर रामानुजनगर मे सांसद प्रतिनिधि परमेश्वर यादव के निवास पर 2मई से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन भक्तों का जन सैलाब देखने को मिला, कथा के अतिंम दिवस मे व्यास पीठ से सुश्री स्तुति देवी ने बहुत ही मार्मिक प्रसंग पर प्रवचन करते हुए लोगों को भावविभोर किया, जिसमे जरासंध वध, पोंड्रक की कथा, कथा वाचक व श्रोता के प्रकार, भगवान श्रीकृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ रानियों की कथा, राजसूय यज्ञ, रूकमणी का प्रेम, राधा व कृष्ण का आत्मिक प्रेम, यदुवंश का विनाश, सुदामा चरित्र, मणी व जामवंती की कथा, भगवान का श्रीधाम गमन आदि प्रसंगों पर विशेष रूप से कथा श्रवण कराया गया,
स्तुति बहन ने कहा कोई भी सामग्री के होने से उपयोगिता नही होता जब तक उसे उपयोगी बनाया न जाए, इसके लिए व्यञ्जन की भांति सही समावेश की जरूरत होती है, जरासंघ प्रसंग मे व्यक्ति के अहंकार पर प्रकाश डाला गया, वहीं पोंड्रक के भगवान बनने की चेष्टा पर जानकारी व उसके अहंकार को भगवान चूर किए, वहीं भगवान श्री कृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ पत्नियों की कथा को विस्तार पूर्वक कहते हुए उन्होंने कहा कि भगवान 16हजार कन्याओं को मुक्त कराया जिससे उनके आग्रह पर उन्हे स्वीकार कर लोक लाज से उनकी रक्षा की, उसी प्रकार सुदामा चरित्र का सुन्दर झाँकी के साथ मित्र मिलन का बडा ही मार्मिक कथा सुनाया , जिससे लोग भाव विभोर हो उठे, तथा सच्ची मित्रता के का उदाहरण प्रस्तुत किया

रूकमणी के साथ ब्रज वापसी व गर्म दूध की कथा से उन्होंने राधा व कृष्ण की अनन्य प्रेम का वर्णन किया , वहीं रूकमणी व कृष्ण के प्रेम को भी सरल भाव से सुनाया , कथा मे उन्होने भगवान राम के चरित्र का अनुकरण करने तथा भगवान श्रीकृष्ण के बताये रास्ते पर चलने का संदेश दिया उन्होंने कहा कृष्ण जी तत्कालीन परिस्थितियों को उनके अनुरूप बनकर आदर्श की स्थापना किया, जो आज किसी भी स्थिति मे अनकरण नही किया जा सकता , जबकि भगवान श्री राम कठिन परिस्थितियों की उसके अनुकूल अपने को बनाते हुए स्वीकार कि उनके संयम व धैर्य का परीक्षा कितना अद्भुत है, उनके किसी एक चरित्र का अनुकरण से लोगो का उद्धार हो सकता है, कथा के बीच मे विभिन्न संगीत मय भजनों से लोगों थिरकने से अपने को रोक नही पाए, वहीं कथा के विश्राम उद्बोधन मे स्तुति देवी ने व्यास पीठ से आयोजनकर्ता श्री परमेश्वर यादव जी व उनके परिवार की मुक्त कण्ठ से प्रसंशा करते हुए उनके पूर्वजों के प्रताप व सद्कर्मो का फल बताया , जो अपना स्वयं का घर न बनाने के बाद भी मा भगवती दुर्गा का भव्य मंदिर बनवाकर प्राणप्रतिष्ठा के अवसर पर शतचंडी महायज्ञ व भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया, जो क्षेत्र के लिए अद्वितीय है, उन्होंने आयोजन मे प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले लोगों ,श्रोता समाज का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विशेष रूप से जिला पंचायत गरियाबंद की सभापति श्रीमती धनमती यादव की सराहना की जिन्होंने 25लोगों की टीम के साथ इतने दूर से आकर यज्ञ मे श्रम व समय दान किया, कार्यक्रम के अंत मे अपने भावुक स्वर मे परमेश्वर यादव ने कथा वाचक बहन स्तुति देवी व संगीत मण्डली, तथा आयोजन मे संरक्षक के रूप मे पूरे समय डटे रहने वाले क्षेत्र के विधायक सम्माननीय श्री खेलसाय सिंह, व सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष माननीय रमेश यदु श्री नरेश राजवाडे उपाध्यक्ष जिला पंचायत सूरजपुर व क्षेत्र वासियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भाव विभोर हो आखो से अश्रु धार बहने से रोक न सके , । इस अवसर पर माननीय खेलसाय सिंह अध्यक्ष सरगुजा विकास प्राधिकरण व विधायक प्रेमनगर, श्री रमेश यदु जी प्रदेश अध्यक्ष सर्व यादव समाज छग, श्री अटल यादव सदस्य गौ सेवा आयोग छग, श्री नरेश राजवाडे जी उपाध्यक्ष जिला पंचायत सूरजपुर, श्रीमती धनमती यादव सभापति जिला पंचायत गरियाबंद, श्री राजेश यादव बिश्रामपुर, श्री संजय यादव कार्यकारी जिला अध्यक्ष सर्व यादव समाज सर्व यादव समाज सूरजपुर गणेश यादव अंबिकापुर , कुंजलाल ओडगी, श्री राम प्रताप यादव भैयाथान, रामलाल यादव युवा ब्लाॅक अध्यक्ष भैयाथान, पारस यादव, राजेन्द्र यादव, मनोज यादव , छत्रधारी यादव, रमेश यादव सहित काफी संख्या मे स्थानीय जनप्रतिनिधि व सनातन धर्म प्रेमी लोग उपस्थित रहे, 10 मई को हवन पूर्णाहुति व 11 मई को अतिथियों का विदाई कार्यक्रम होना सुनिश्चित है,