
नई दिल्ली: भारत में पिछले कुछ हफ्ते से कोरोना वायरस के नए मामलों में कमी आई है, लेकिन अभी इसका खतरा टला नहीं है और एक्सपर्ट्स कोविड-19 की चौथी लहर को लेकर लोगों को सावधान कर रहे हैं. इस बीच सबसे तेजी से फैलने वाले कोरोना वायरस के एक्सई वेरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है, जो कोरोना के अन्य वेरिएंट के मुकाबले 10 गुना तेजी से फैलता है.
भारत में मिला 10 गुना तेजी से फैलने वाला XE वेरिएंट?
बीएमसी (BMC) ने बुधवार को मुंबई में कोरोना वायरस के एक्सई वेरिएंट का पहला मामला आने की बात कही, हालांकि केंद्र सरकार ने एक्सई वेरिएंट के किसी भी मामले की पुष्टि करने से इनकार कर दिया. अब महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा है कि एक्सई वेरिएंट के संदिग्ध मरीज की हालत ठीक है और उसके संपर्क में आने वाले सभी लोग कोरोना निगेटिव हैं.
क्यों चिंता का विषय बना कोरोना का XE वेरिएंट?
कोरोना वायरस का एक्सई वेरिएंट भारत समेत दुनियाभर के देशों में चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि शुरुआती स्टडी में पता चला है कि यह अब तक के सभी वेरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक है और 10 गुना तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेता है.
ओमिक्रॉन के सबवेरिएंट से बना है XE
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोविड-19 का एक्सई वेरिएंट दो अलग-अलग वेरिएंट के मिलने से बना है. विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के दो रूप हैं. पहला है ओमिक्रॉन बीए.1 और दूसरा बीए.2 है. इन्हीं दो वेरिएंट के मिलने से एक्सई वेरिएंट (XE Variant) बना है. कोई कॉम्बिनेशन तब तैयार होता है, जब कोई व्यक्ति एक से अधिक वेरिएंट से इन्फेक्टेड हो चुका होता है.
क्या हैं XE वेरिएंट के लक्षण?
कोविड-19 का एक्सई वेरिएंट कितना घातक है और इससे कितना नुकसान हो सकता है, इसको लेकर स्टडी जारी है. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इसके बारे में अभी पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं. इसके साथ ही इसके लक्षणों (XE Variant Symptoms) को लेकर भी कुछ भी स्पष्ट नहीं है.
हालांकि, माना जा रहा है कि यह ओमिक्रॉन के दो सबवेरिएंट से मिलकर बना है, इसलिए इसके लक्षण भी ओमिक्रॉन से मिलते-जुलते हो सकते हैं. बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बदन दर्द, सिरदर्द, गले में खराश और नाक बहना एक्सई वेरिएंट के लक्षण हो सकते हैं. इसके अलावा एक्सई वेरिएंट के कुछ अन्य लक्षणों में थकान, चक्कर आना, धड़कन, सूंघने और स्वाद में कमी बढ़ना शामिल हैं. अगर किसी में ये लक्षण नजर आए तो उन्हें तुरंत जांच करानी चाहिए.