मध्यप्रदेश:– कार्यक्रम शुरू होने से पहले अतिथियों के लिए मंच के नीचे बैठने की व्यवस्था की गई थी। आरोप है कि वहां भाजपा के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी पहले से ही सोफा-कुर्सियों पर बैठे हुए थे। जब विधायक प्रियंका मीना पैंची और नपाध्यक्ष सविता गुप्ता वहां पहुंचीं तो उन्हें बैठने के लिए जगह नहीं मिली।
विधायक ने खुद उठाई कुर्सी
बताया गया कि काफी देर तक स्थिति नहीं बदली तो विधायक प्रियंका मीना पैंची ने खुद कुर्सी उठाईऔर अलग बैठ गईं। नपाध्यक्ष सविता गुप्ता के सामने भी इसी तरह की स्थिति बनी। इस दौरान दोनों महिला जनप्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति को तत्काल संभालते नजर नहीं आए। हालांकि, बाद में मंचीय कार्यक्रम शुरू होने पर विधायक और नपाध्यक्ष दोनों को मंच पर स्थान दिया गया।
मंच से छलका विधायक का दर्द
मंच पर पहुंचने के बाद विधायक प्रियंका मीना पैंची ने इस घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है, लेकिन कार्यक्रम में महिलाओं के बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी जा रही।
विधायक ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी को नीचा दिखाना नहीं है, लेकिन जो हुआ उसे सभी ने देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर महिलाएं आगे दिखाई दें तो कार्यक्रम का दृश्य और बेहतर होगा। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि एक महिला विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष को बैठने के लिए जगह न मिलने पर क्या स्थिति बनी होगी, इसका अंदाजा लोग खुद लगा सकते हैं।
संगठन में शिकायत करने की बात
विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने संगठन के सामने अपनी बात रख दी है और अब लोग खुद इस घटनाक्रम का अनुमान लगा सकते हैं। जब भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
पहले भी चर्चा में रही हैं विधायक
प्रियंका मीना इससे पहले कृषि कार्यक्रम के दौरान मंच से महिला विरोधी बयानों का विरोध करने को लेकर भी चर्चा में रही थीं। अब लगातार दूसरे कार्यक्रम में महिला प्रतिनिधियों से जुड़े इस घटनाक्रम ने भाजपा के भीतर महिलाओं की भूमिका और संगठनात्मक समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
