
देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ रही कीमत से सभी लोग परेशान हैं। इसका असर देश ही नहीं विदेशों में भी है। लोग महंगाई में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत से हलाकान हैं। एक अनुमान है कि कीमतें 300 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर सकती हैं? सोचिए अगर पेट्रोल-डीजल इतना महंगा हो गया, तो हमारी जेब पर कितना बोझ बढ़
इस रिपोर्ट को पढ़कर पूरी दुनिया में हलचल है। तो क्या वाकई भारत में भी पेट्रोल-डीजल प्रति 300 रुपये या उससे अधिक के रेट से बिकेगा। फिलहाल कच्चा तेल 111 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ग्लोबल मार्केट में बिक रहा है। जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और यूरोपीय देश रूस पर और शिकंजा कसते हैं, तो वो क्रूड ऑयल का उत्पादन पांच मिलियन बैरल तक कम करक सकता है। इस वजह से पूरी दुनिया में क्रूड ऑयल 380 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच जाएगा। यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं।
भारत की स्थिति
फिलहाल देश में पेट्रोल की कीमतें 100 से 110 रुपये के आसपास हैं। डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। देश में पेट्रोल की कीमतें क्रूड ऑयल के रेट (Crude Oil Rate) के अनुसार तय होती हैं। क्रूड ऑयल को लेकर ही एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि कच्चे तेल कीमत 380 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। भारत सबसे अधिक क्रूड ऑयल आयात करने वाले देशों में से एक है। अगर भारत में क्रूड ऑयल की बढ़ी हुई कीमतों का असर पड़ा, तो पेट्रोल 385 रुपये प्रति लीटर की दर से बिकेगा। अगर हम 110 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और 111 डॉलर प्रति बैरल क्रूड ऑयल के हिसाब से बढ़ी हुई कीमतों की तुलना करते हैं, तो पेट्रोल करीब साढ़े तीन गुणा महंगा हो जाएगा। जब दुनिया में क्रूड ऑयल की कीमतें 380 डॉलर प्रति बैरल पहुंच जाएंगी, तो भारत में पेट्रोल 385 रुपये प्रति लीटर की दर से बिकेगा। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स ने जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट को निराधार बताया है और उनका कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नजर नहीं आ रही है