नई दिल्ली : सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग पर सरकार की तरफ से बड़ा फैसला किया गया है। वित्त मंत्रालय ने कर्मचारियों के पेंशन सिस्टम की समीक्षा करने के लिए एक समिति गठित की है। यह समिति वित्त सचिव टी वी सोमनाथन की अगुआई में गठित की गई है। यह समिति सुझाव देगी कि क्या सरकारी कर्मचारियों पर लागू राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के मौजूदा ढांचे में किसी तरह का बदलाव जरूरी है या नहीं।
समिति की अगुआई करेंगे वित्त सचिव
समिति एनपीएस (NPS) के तहत शामिल कर्मचारियों के पेंशन लाभ में सुधार की नजर से इसे संशोधित करने पर सुझाव देगी। सोमनाथन की अगुआई में समिति में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT) के सचिव, व्यय विभाग के विशेष सचिव और पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के चेयरमैन बतौर सदस्य होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने कहा था कि वित्त सचिव की अगुआई वाली समिति सरकारी कर्मचारियों के लिए एनपीएस (NPS) के अंतर्गत पेंशन संबंधी मुद्दों को देखेगी।
राज्यों ने लागू की पुरानी पेंशन योजना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से यह घोषणा गैर-भाजपाई राज्यों द्वारा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने और कुछ अन्य राज्यों में कर्मचारी संगठनों द्वारा इसकी मांग किए जाने के बाद हुई है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकारों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने के अपने फैसले के बारे में केंद्र को सूचित किया है।
इन राज्यों ने केंद्र सरकार से एनपीएस के तहत इकट्ठा हुए फंड को वापस करने का अनुरोध किया है। वित्त मंत्रालय ने पिछले साल संसद को बताया था कि वह 1 जनवरी, 2004 के बाद भर्ती हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में OPS बहाल करने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है।