छत्तीसगढ़:- शराब घोटाले से जुड़े मैनपावर स्कैंडल में 115 करोड़ रुपये का एक नया ‘ओवरटाइम (OT) घोटाला सामने आया है. जांच में पता चला कि शराब की दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को पैसे दिए गए थे. लेकिन यह पैसा कभी भी कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा.
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से जुड़ा एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें ओवरटाइम पेमेंट की आड़ में लगभग ₹115 करोड़ के गबन का खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों ने पाया कि शराब की दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों के ओवरटाइम पेमेंट के लिए मैनपावर एजेंसियों को बड़ी रकम जारी की गई थी. लेकिन, यह पैसा कभी भी कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा. इसके बजाय यह पैसा अधिकारियों और शराब सिंडिकेट के बीच कमीशन के तौर पर बांट दिया गया. यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के भीतर किए गए करोड़ों के घोटाले से जुड़ा है.
शराब दुकानों में OT के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी
EOW और ACB द्वारा चलाए गए एक संयुक्त कार्रवाई में इस मामले के संबंध में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई बड़ी मैनपावर कंपनियों के डायरेक्टर और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हैं.आरोप है कि इन एजेंसियों ने फर्जी और बढ़े हुए बिल पेश कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की.
11 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा
जांच एजेंसियों ने सभी आरोपियों को एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया है और 11 मई तक के लिए उनकी पुलिस रिमांड पर लिया है. इस अवधि के दौरान फर्जी बिलिंग, कमीशन के लेन-देन और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.
अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी
इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की गंभीर धाराओं के तहत पहले ही एक मामला दर्ज किया जा चुका है, और अब तक गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं.
