नई दिल्ली:- पश्चिम बंगाल में निर्विवाद रूप से शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे बड़े दावेदार हैं। चूंकि बीजेपी ने पहले ही बता दिया था कि उनका मुख्यमंत्री बंगाल में जन्मा, पला-बढ़ा और बांग्ला भाषा जानने वाला ही होगा। इन सभी कसौटियों पर अधिकारी खरे
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। इसका बड़ा श्रेय जाता है विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को। अब चुनावी नतीजों के बाद जब बंगाल के मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा चल रही है, तो उसमें शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसकी कई वजहें हैं। एक तो बीजेपी ने पहले ही बता दी थी। आइए तीन पॉइंट से समझते हैं कि शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार क्यों हैं।
बीजेपी ने पहले ही बता दिया था
भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले घोषणा की थी कि उनका मुख्यमंत्री पद का दावेदार पश्चिम बंगाल में पैदा हुआ, यहीं पला बढ़ा और बांग्ला माध्यम से शिक्षा लिया हुआ व्यक्ति ही होगा। हालांकि, बीजेपी ने अभी तक पार्टी की तरफ से उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी इन तीनों ही कसौटियों पर खरे उतरते हैं। यही कारण है कि वो बंगाल में मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री को दो लगातार बार हराया
ममता बनर्जी ना सिर्फ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं बल्कि वहां की सबसे कद्दावर नेता हैं। साल 2021 में हुए विधानसभा चुनावों में शुभएंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हरा दिया था। साल 2026 में हुए विधानसभा चुनावों में एक बार फिर से इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी पर ममता बनर्जी को हरा दिया। वर्तमान मुख्यमंत्री को लगातार दो बार हराना अपने आपमें एक ऐतिहासिक जीत है। शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में भी मात दी है। ऐसे में वर्तमान मुख्यमंत्री को लगातार दो बार हराने की वजह से भी सीएम पद के सबसे बड़े दावेदार बन जाते हैं।
अपने गढ़ में जीतीं सभी सीटें
शुभेंदु अधिकारी ने ना सिर्फ ममता बनर्जी को लगातार बार हराया बल्कि साल 2026 के चुनावों में अपने गढ़ मेदिनीपुर की सभी 16 सीटों को जितवा दिया। इन सभी 16 सीटों पर बीजेपी का जीत जाना उन्हें सीएम पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार बनाता है। ऐसे में देखना यह होगा कि क्या भारतीय जनता पार्टी इन सभी खूबियों के बाद शुभेंदु अधिकारी को बंगाल का मुख्यमंत्री बनाती है या किसी नए और कम अनुभवी चेहरे को सीएम बना सकती है।
एक बोनस पॉइंट
शुभेंदु अधिकारी भले ही पहले टीएमसी के साथ रहे और ममता बनर्जी के सबसे खास लोगों में टॉप पर रहे, लेकिन उनकी शुरुआत वहीं से हुई थी, जहां से भाजपा के ज्यादातर नेताओं की होती है। शुभेंदु अधिकारी का शुरुआती जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखा में ट्रेनिंग में भी गुजरा है। आरएसएस का बैकग्राउंड शुभेंदु अधिकारी के लिए एक बोनस पॉइंट की तरह काम कर सकता है।
