मध्यप्रदेश:- विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 17 नवंबर को हुई थी और उसके बाद से सभी बड़ी बेसब्री से उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब ईवीएम में बंद वोटों की गिनती शुरू होगी और मध्यप्रदेश को अपना नया निजाम यानी नई सरकार मिलेगी.
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 17 नवंबर को हुई थी और उसके बाद से सभी बड़ी बेसब्री से उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब ईवीएम में बंद वोटों की गिनती शुरू होगी और मध्यप्रदेश को अपना नया निजाम यानी नई सरकार मिलेगी. 3 दिसंबर को ये काउंटिंग की जाएगी. इस बार मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में 2500 से अधिक उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है.
कांग्रेस, बीजेपी, सपा, बसपा, आप, गोंगपा, जयस सहित कई अन्य पार्टियों ने भी अपने उम्मीदवार इस चुनाव में उतारे थे. इस बार मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच बेहद कांटे का माना जा रहा है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, क्योंकि इस बार बंपर वोटिंग हुई है. 2018 में 75 प्रतिशत मतदान हुआ था और इस बार बढ़कर 77.15 प्रतिशत मतदान हुआ है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां इस बढ़े हुए मतदान को अपने फेवर में बता रहे हैं.
लेकिन असली परिणाम तो 3 दिसंबर को ही सामने आएगा. सुबह 8 बजे से रुझान आना शुरू हो जाएंगे. सबसे पहले मतपत्रों की गिनती की जाएगी, जिसमें सरकारी कर्मचारियों और सीनियर सिटीजन द्वारा दिए गए मतों की गिनती होगी और उसके बाद सिलसिलेवार तरीके से ईवीएम की गिनती की जाएगी.
आपको बता दें कि 30 दिसंबर शाम 6 बजे से अलग-अलग एग्जिट पोल भी सामने आएंगे, उनकी कवरेज भी एमपी तक लगातार अपने दर्शकों और पाठकों के सामने रखेगा. उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने 17 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर शाम पांच बजे तक एग्जिट पोल पर रोक लगा रखी थी लेकिन 30 दिसंबर को शाम 6 बजे से एग्जिट पोल की कवरेज भी पर देख और पढ़ सकेंगे।
