छत्तीसगढ़:– भीषण गर्मी के चलते स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान हो गया है. सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके जानकारी दी है.
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का दौर जारी है. ऐसे में गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है. प्रदेश में 20 अप्रैल से लेकर 15 जून तक स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की तारीखों में बदलाव करते हुए पूर्व ही छुट्टी की घोषणा की है. सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके यह जानकारी दी है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ में और तेज गर्मी होने की संभावना जताई है.
सीएम साय ने किया छुट्टियों का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगातार तापमान बढ़ रहा है और लू का असर भी तेज हो गया है. ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए पहले से निर्धारित तिथि से पहले ही ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू करने का निर्णय लिया गया है. सरकार के इस फैसले से लाखों स्कूली विद्यार्थियों को राहत मिलेगी. अभिभावकों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि भीषण गर्मी के बीच बच्चों का स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता था. शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किए जाने की संभावना है..
10 दिन पहले हुई छुट्टियां
छत्तीसगढ़ में पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई से 15 जून तक रहती थी. लेकिन प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के प्रभाव के चलते राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लेते ही तिथि से पहले छुट्टी घोषित करने का निर्णय लिया है. प्रदेश में विपक्ष के नेताओ से लेकर अभिभावकों द्वारा छुट्टी की मांग की जा रही थी. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी आज ही राज्य सरकार से स्कूलों की छुट्टी घोषित करने की मांग भी की थी.
प्रदेश में भीषण गर्मी
छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है. रायपुर, बिलासपुर समेत कई जिलों में तापमान 42 के करीब पहुंच गया है. राजनांदगांव में पारा 43 के पार है. मौसम विभाग ने भी प्रदेश में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को बेवजह दोपहर के वक्त घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. साथ ही हीट वेव के अलर्ट के बीच लोगों को सावधानी बरतने की अपील भी की है.
