देश में हिट एंड रन के नए कानून के विरोध में कई राज्यों के बस और ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर हैं. ड्राइवर सरकार के नए कानून को सरासर गलत बता रहे हैं. उनका कहना है कि वो जब भी सड़क पर गाड़ी चलाते हैं तो उनकी पूरी कोशिश रहती है कि उनकी वजह से कोई भी हादसे का शिकार न हो. कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि घटना में बड़ी गाड़ियों के ड्राइवर की कोई गलती नहीं होती है फिर सारे आरोप उन्हीं पर लगते हैं. इस बीच भारतीय न्याय संहिता के एक अधिकारी का बड़ा सामने आया है.पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के सीनियर अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त चालक अगर गलती से किसी व्यक्ति को टक्कर मार देता है और बाद में पुलिस को उस बारे में सूचित करता है या पीड़ित को नजदीकी अस्पताल ले जाता है तो उस पर हाल ही में बनाए गए भारतीय न्याय संहिता के कड़े प्रावधान के तहत मुकदमा नहीं चलाया जाएगा.
बिना सूचना दिए भाग जाने वाले को कठोर सजाअधिकारी ने कहा कि जो कोई भी लापरवाही से वाहन चलाकर किसी व्यक्ति की मौत का कारण बनता है और गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है और घटना के तुरंत बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दिए बिना भाग जाता है, उसे दस साल की अवधि तक के कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा.
अधिकारी ने नए कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ ट्रक चालकों की आशंकाओं को गलत बताकर खारिज कर दिया. अधिकारी ने कहा कि हिट एंड रन मामलों का प्रावधान केवल उन वाहन चालकों पर लागू होगा जो पुलिस को बिना बताए भागने की कोशिश करेंगे.सूचना देने पर ड्राइवर के खिलाफ नहीं होगी कड़ी कार्रवाईअधिकारी ने कहा कि दुर्घटना की सूचना पुलिस को देने वाले चालक पर कड़े कानून के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी. अगर ड्राइवर को लगता है कि घटना के बाद भीड़ उस पर हमला करेगी और मारपीट करेगी तो वो अपने नजदीक पुलिस थाने जाकर घटना की जानकारी दे सकता है.
इसके अलावा वो टोल फ्री आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 108 कॉल कर सकता है और दुर्घटना के बारे में सूचित कर सकता है.सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बना नया प्रावधानहिट एंड रन मामलों में सजा को 10 साल तक बढ़ाने का नया प्रावधान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद तैयार किया गया है.
