– एक निश्चित सीमा से ज्यादा कमाई पर टैक्स लगता है इसलिए हर साल नौकरीपेशा और अन्य आयकर दाताओं को टैक्स देना पड़ता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि कुछ खास जरियों से होने वाली आय पर कोई कर नहीं लगता है. थोड़ी देर के लिए आप सोचेंगे क्या वाकई में ऐसा होता है? लेकिन, यह सच है, क्योंकि 5 तरह की इनकम ऐसी होती है जिन पर कोई टैक्स देना नहीं पड़ता है.
देश में गैर कर योग्य आमदनी यानी नॉन टैक्सेबल इनकम के प्रावधान भी हैं. यह वह आय होती है जो इनकम टैक्स के अधीन नहीं होती है. आइये आपको बताते हैं आखिर भारत में किस जरिये से प्राप्त होने वाली आय को नॉन टैक्सेबल माना जाता है.कृषि से होने वाली आय टैक्स फ्री-आयकर अधिनियम के सेक्शन 10 (1) के तहत कृषि से होने वाली आय पूरी तरह से कर मुक्त होती है. इसमें गेहूं, चावल, दाल, फ्रूट्स का उत्पादन, प्रोसेसिंग और वितरण शामिल है. इसके अलावा, वह प्रॉपर्टी जिसका इस्तेमाल कृषि कार्य के लिए किया गया, उससे मिलने वाला किराया भी टैक्स फ्री होता है, साथ ही कृषि भूमि की खरीदी और बिक्री से होने वाली आय भी नॉन टैक्सेबल होती है.
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 56 (ii) के तहत रिश्तेदारों से मिलने वाली प्रॉपर्टी, ज्वैलरी या पैसा पर टैक्स नहीं लगता है. हालांकि, गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट पर सिर्फ 50,000 रुपये की सीमा के साथ छूट मिलती है. अविभाजित हिन्दू परिवार (HuF) से मिली रकम या विरासत के रूप में हुई आमदनी को इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 10(2) के तहत आयकर के दायरे से बाहर रखा गया है.
ग्रेच्युटी और स्कॉलरशिप पर भी कोई टैक्स नहीं-सरकारी कर्मचारी की मृत्यु या रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है. प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को भी 10 लाख रुपये तक की राशि पर ग्रेच्युटी पर टैक्स रिलीफ का लाभ मिलता है. आयकर अधिनियम के अनुसार, ग्रेच्युटी पर टैक्स कटौती अन्य सीमाओं पर भी निर्भर करती है.विभिन्न संस्थानों द्वारा छात्रों को शिक्षा पूरी करने के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति टैक्स फ्री है, साथ ही महावीर चक्र, परमवीर चक्र, वीर चक्र जैसे वीरता पुरस्कार विजेताओं और पेंशन प्राप्त करने वाले अन्य लोगों को प्राप्त पेंशन पर टैक्स अदा करने की जरूरत नहीं होती है.
इसके अलावा, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10(15) के अनुसार, कुछ योजनाओं पर ब्याज से होने वाली कमाई पूरी तरह से कर मुक्त है. इनमें सुकन्या समृद्धि योजना, गोल्ड डिपॉजिट बॉन्ड, लोकल अथॉरिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज पर कोई कर नहीं लगता है.
