नई दिल्ली:- एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को कई नसीहतें दीं. इसी के साथ ही आगे की रणनीति पर चर्चा की गई. एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘मेरा मानना है कि जब देश के प्रधानमंत्री बोलते हैं तो न केवल सांसद बल्कि सभी को इसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि वह देश के प्रधानमंत्री हैं. देश की जनता ने पीएम मोदी को ऐतिहासिक रूप से लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाया है.
उन्होंने आगे कहा, ‘कल जिस तरह से विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने व्यवहार किया, स्पीकर की तरफ पीठ की, नियमों के खिलाफ बात की और स्पीकर का अपमान किया. वह कुछ ऐसा है जो हमारी पार्टी, एनडीए के लोगों को नहीं करना चाहिए.’ रिजिजू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने एक अनुरोध भी किया है. हर सांसद को अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री संग्रहालय आना चाहिए.
प्रधानमंत्री संग्रहालय में पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के सफर को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रदर्शित किया गया है. इसमें कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है. यह पहला ऐसा प्रयास है कि पूरा देश प्रत्येक प्रधानमंत्री के योगदान को जानें, उसकी सराहना करें, उससे सीखें और उन्हें श्रद्धांजलि दे.’
एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा, ‘आज प्रधानमंत्री ने हमें एक मंत्र दिया जो बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि सदन में प्रत्येक सांसद देश की सेवा करने के लिए चुना गया है. चाहे वे किसी भी पार्टी से हों, देश की सेवा हमारी पहली जिम्मेदारी है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए के हर सांसद को देश को प्राथमिकता देते हुए काम करना चाहिए. दूसरी बात प्रधानमंत्री ने सांसदों के आचरण को लेकर भी हमें बहुत अच्छी तरह से मार्गदर्शन किया. उन्होंने कहा कि हर सांसद को अपने क्षेत्र की बातों को सदन में नियमानुसार बहुत अच्छे तरीके से रखना चाहिए.’
उन्होंने हमें अन्य प्रमुख मुद्दों में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए भी कहा – चाहे वह जल हो, पर्यावरण हो, सामाजिक क्षेत्र हो. प्रधानमंत्री ने एनडीए सांसदों से संसद के नियमों, संसदीय लोकतंत्र प्रणाली और आचरण का पालन करने का आग्रह किया जो एक अच्छा सांसद बनने के लिए आवश्यक है. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री का यह मार्गदर्शन सभी सांसदों, खासकर पहली बार के सांसदों के लिए एक अच्छा मंत्र है. हमने इस मंत्र का पालन करने का फैसला किया है.’
