नई दिल्ली:- देश में त्योहारों का सीजन शुरू है और दीपावली की धूम से मार्केट में चहल-पहल देखने को मिल रही है। मान्यता के अनुसार दीपावली से पहले धनतेरस के दिन लोग गोल्ड और चांदी की खरीददारी करते हैं। देश की एक बड़ी आबादी धनतेरस के दिनचांदी के सिक्कों की खरीददारी करती है। सवाल ये उठता है कि धनतेरस के मौके पर खरीदा जाने वाला चांदी का सिक्का असली है फिर नकली? असल में चांदी धातु पर अभी होलमार्क अनिवार्य नहीं है ऐसे में मिलावट खोर चांदी में तांबा, कैडमियम, निकेल, एल्यूमीनियम और जस्ता जैसी धातुओं की मिलावट कर देते हैं।
मुद्दा चांदी के धातु की पहचान करने का है कि चांदी के धातु की पहचान कैसे किया जाएगा? इसके लिए लैब जाने की जरूरत नहीं है। आप इस ट्रिक से घर बैठे भी चांदी की पहचान कर सकते हैं।
चांदी का बर्फ टुकड़ा परीक्षण
घर में चांदी के धातु के पहचान के लिए सबसे सरल और आसान तरीका चांदी के सिक्के या धातु के ऊपर बर्फ का एक छोटा टुकड़ा रख देंगे। अगर सिक्का या धातु शुद्ध चांदी का है, तो बर्फ इतनी तेजी से पिघलेगी जैसे वह किसी गर्म तवे पर रखी हो। यदि बर्फ सामान्य गति से यानी जैसे साधारण तापमान पर पिघलती है, उसी तरह पिघल रही है, तो समझ लीजिए कि सिक्का या धातु में मिलावट या नकली है।
चुंबक परीक्षण से पहचाने असली या नकली
चांदी के धातु या सिक्के के पास एक शक्तिशाली चुंबक जैसे नीयोडिमियम मैग्नेट लेकर आएं। अगर सिक्का चुंबक से चिपक जाता है, तो वह पूरी तरह नकली है और उसमें लोहा या निकल मिला है। अगर सिक्का चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होता, तो उसके असली होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
ध्वनि परीक्षण सबसे आसान तरीका
चांदी के सिक्के या धातु की पहचान का सबसे आसान तरीका अपनी उंगली के ऊपर रखें और किसी दूसरी धातु की वस्तु से इसे हल्के से थपथपाएं। असली चांदी का सिक्का टकराने पर तीखी, ऊंची और गूंजने वाली आवाज पैदा करेगा, जो करीब 12 सेकंड तक हवा में गूंजेगी। वहीं, नकली या मिलावटी सिक्का बजाने पर एक सपाट और भारी आवाज देगा।
हॉलमार्क की जांच जरूरी
चांदी के सिक्के की शुद्धता और असली होने की पहचान के लिए खरीदारी करते समय उस पर लगे हॉलमार्क की जांच जरूर कर लें। हालांकि, फिलहाल चांदी के आभूषणों और सिक्कों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन कई बड़ी और प्रतिष्ठित ज्वेलरी दुकानों पर हॉलमार्क वाले चांदी के सिक्के और अन्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं। हॉलमार्क से चांदी की शुद्धता यानी उसमें मौजूद चांदी की मात्रा का पता लगाने में मदद मिलती है।
