नई दिल्ली:– बालों का झड़ना अब केवल बढ़ती उम्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह युवाओं के लिए भी एक बड़ी चिंता बन गया है. हेयर फॉल के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें आनुवंशिक, हार्मोनल असंतुलन, पोषण संबंधी कमियां, तनाव और बहुत कुछ शामिल हैं. बालों के झड़ने के मूल कारण को जानने के लिए डायग्नोस्टिक टेस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे में आज हम आपको यहां पर 5 हेयर फॉल टेस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी जानकारी डॉक्टर कपिल देव ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के माध्यम से दी है. तो चलिए जानते हैं उनके नाम…
बाल झड़ने पर कौन सा टेस्ट कराएं
डॉक्टर कपिल ने बताया कि बाल आपके जरूरत से ज्यादा झड़े, तो आप विटामिन बी12, थायराइड टेस्ट, विटामिन डी 3, कैल्शियम टेस्ट और फेरेटिन ब्लड टेस्ट करा लेने चाहिए.
बाल झड़ने के लक्षण
सिर के ऊपर के हिस्से में पतले या गायब बाल दिखाई देना, जो ज़्यादा चौड़ा हो जाता है.
बालों के बीच से स्कैल्प की त्वचा दिखाई देना.
बालों के टूटने का एहसास होना.
हेयर फॉल में इन बातों का रखें ख्याल
डाइट और न्यूट्रिशन
भारतीय बालों की देखभाल का एक बुनियादी सिद्धांत यह है कि सुंदरता भीतर से शुरू होती है. विटामिन, खनिज और प्रोटीन से भरपूर पौष्टिक आहार को स्वस्थ बालों का आधार माना जाता है. पत्तेदार साग, मेवे और दाल जैसे खाद्य पदार्थ भारतीय आहार में मुख्य हैं, जो बालों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं.
चंपी है जरूरी
नियमित तेल मालिश, जिसे “चंपी” के नाम से जाना जाता है, भारतीय बालों की देखभाल का एक अभिन्न अंग है. नारियल, बादाम और शिकाकाई जैसे तेलों स्कैल्प को मसाज देने से रक्त परिसंचरण को बढ़ावा मिलता है, ड्राईनेस कम होता है और हेयर ग्रोथ में सुधार होता है.
भृंगराज, अश्वगंधा और ब्राह्मी
आयुर्वेद बालों की देखभाल के लिए जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक तत्वों के इस्तेमाल पर बहुत ज़्यादा निर्भर करता है. भृंगराज, अश्वगंधा और ब्राह्मी, बालों को पोषण देने और उन्हें मज़बूत बनाने वाले हेयर मास्क और तेलों में इस्तेमाल होने वाले वनस्पति खजाने के कुछ उदाहरण
