नई दिल्ली:– आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सभी चीजें अनियमित होने से सेहत को बड़े खतरे होते जा रहे है इसके चलते ही लोग कम उम्र में बड़ी बीमारियों के चपेट में आते जा रहे है। डिप्रेशन, यानि किसी समस्या को लेकर चिंता और अवसाद की स्थिति का होना। इस स्थिति में अक्सर व्यक्ति अपने अंदर के छिपे गम को सामने व्यक्त नहीं कर पाता हैं लेकिन अब अंदर के भाव भी जल्द ही पता चलने वाले है। जी हां स्टीवंस इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने दो एआई टेक्नोलॉजी से लैस स्मार्टफ़ोन ऐप तैयार किए हैं जो व्यक्ति के चेहरे और उसकी मुस्कुराहट से आपके डिप्रेशन के लेवल को पता भांप लेते है।
डिप्रेशन को पता करने वाले इन स्मार्टफोन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी से लैस करके तैयार किया गया है इसे प्रोफेसर सांग वोन बे और डॉक्टरेट उम्मीदवार राहुल इस्लाम दो लोगों ने तैयार किया है। यहां पर डिप्रेशन का पता लगाने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया गया है जिसकी एआई तकनीक चेहरे के भाव से ही अवसाद का लेवल पता करती है। इसमें बताया गया है कि, यह पुतली के आकार और आईरिस के बीच तुलना करके किया जाता है. पिछले शोध ने भी डिप्रेशन एपिसोड के साथ प्यूपिलरी रिफ्लेक्स के जुड़ाव को दोहराया है. जब आप अपना फ़ोन खोलते या इस्तेमाल करते हैं, तो ऐप आपकी आँखों के 10 सेकंड के स्नैपशॉट को कैप्चर करके काम करता है।
इस तकनीक के लिए की गई स्टडी
बताया जाता है कि, इस नई तकनीक को लेकर स्टडी की गई जिसमें चार हफ़्तों में 25 स्वयंसेवक शामिल थे और ऐप ने चार हफ़्तों में लगभग 16,000 इंटरैक्शन का मूल्यांकन किया। जब इस स्टडी के परिणाम सामने आए तो पता चला कि, इस स्मार्टफोन की ऐप तकनीक से 76 प्रतिशत मामलों में डिप्रेशन एपिसोड की पहचान की गई थी। इसके परिणाम इतने अभूतपूर्व हैं कि, अवसाद को लेवल को लेकर सटीक जानकारी देता है।
