तेलंगाना- राजधानी हैदराबाद में मानसिक रूप से पीड़ित एक मां ने दो बेटों की हत्या कर खुद ही मौत को गले लगा लिया.
हैदराबाद के जीदीमेटला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गजुलारामरम में एक दिल दहलाने वाली बात सामने आई है. यहां मानसिक तनाव से ग्रसित एक औरत ने गुरुवार को अपने दो छोटे बेटों की हत्या कर दी और फिर खुद भी जान दे दी. इस क्रूर घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है.
बेटों की गला काटकर मार डाला
मूल रूप से खम्मम जिले के सथुपल्ली की रहने वाली 33 साल की तेजस्विनी गजुलारामरम के बालाजी लेआउट में रह रही थी. तेजस्विनी ने पहले अपने बेटों साल के आशीष रेड्डी और चार साल के हर्षित रेड्डी को चाकू से काट डाला. इसके बाद उसने अपने अपार्टमेंट की छठी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी.
पुलिस के मुताबिक, तेजस्विनी डिप्रेशन में थी. वो खुद की आंख की बीमारी और बेटों की सांस की समस्या से और बढ़ गई थी. उसे बच्चों को सांस लेने में तकलीफ को कम करने के लिए हरेक 3-4 घंटे में नाक में दवा की कुछ बूंदें डालनी पड़ती थीं.
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसी
बता दें कि यह दुखद घटना गुरुवार दोपहर में हुई, जब बच्चे स्कूल से घर लौटे थे. बच्चों की चीख-पुकार सुनकर मौके पर आए पड़ोसियों ने देखा कि हर्षित को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई. वहीं आशीष घटनास्थल पर ही मृत पाया गया. वहीं तेजस्विनी के पति गंद्रा वेंकटेश्वर रेड्डी घर पर नहीं थे. वो एक फार्मास्युटिकल कंपनी में काम करते हैं.
7 पन्नों का मिला सुसाइड नोट
पुलिस को तेजस्विनी का लिखा 7 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है. इसमें उसने अपने बच्चों की बिगड़ती सेहत, उनके इलाज में पति के कथित सहयोग न करने और खुद की बिगड़ती हालत पर निराशा जाहिर की है.
बालानगर के डीसीपी सुरेश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होने बताया कि इस घटना की जांच जारी है. वहीं वेंकटेश्वर रेड्डी अपनी पत्नी और बच्चों को खोने से अपार दुख में डूबे हुए हैं.