नई दिल्ली:– मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने और पेट्रोल, डीजल तथा खाना पकाने के तेल की खपत को जितना हो सके कम करने की अपील की है। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर हमलावर है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख और राज्यसभा सांसद शरद पवार ने बयान देते हुए पीएम मोदी से बड़ी मांग कर दी है।
शरद पवार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर दी है। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं का देश की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना है।शरद पवार का सोशल मीडिया पोस्ट
शरद पवार ने एक्स पर लिखा कि मिडिल ईस्ट में अस्थिर और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले कुछ घोषणाएं कीं। इनका देश की इकॉनमी पर दूरगामी असर पड़ने की संभावना है। अचानक की गई घोषणाओं से आम नागरिक, इंडस्ट्री और बिज़नेस सेक्टर के साथ-साथ इन्वेस्टर्स में भी बेचैनी का माहौल बन गया है। यह निश्चित रूप से चिंता की बात है।
शरद पवार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की सलाह दी
शरद पवार ने पीएम मोदी सलाह देते हुए आगे लिखा कि इस मुद्दे की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री को अपनी अध्यक्षता में एक ऑल-पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए। देश के हित के लिए यह बहुत जरूरी है कि देश के हित के मुद्दों पर सभी पार्टी नेताओं को भरोसे में लेकर फैसले लेने की प्रक्रिया को लागू किया जाए।
उन्होंंने लिखा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए केंद्र सरकार को ज्यादा संवेदनशीलता और बड़े पैमाने पर सलाह-मशविरे को प्राथमिकता देने की जरूरत है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री को तुरंत देश के जाने-माने इकोनॉमिस्ट, इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और संबंधित एक्सपर्ट्स की एक मीटिंग बुलानी चाहिए और हालात का पूरी तरह से रिव्यू करना चाहिए। आगे की पॉलिसी पर बड़े पैमाने पर विचार-विमर्श होना चाहिए। हमारा पक्का मानना है कि देश के लोगों के बीच भरोसा और स्थिरता बनाना इस समय सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
