नई दिल्ली:– इस्तेमाल कर के छोड़ देते हैं लोग
हर अच्छे इंसान को कभी ना कभी लगता है कि लाइफ बड़ी अनफेयर है। उन्होंने किसी के लिए कुछ भी अच्छा किया, तो उसके बदले उन्हें सिर्फ धोखा और तिरस्कार ही मिला। कई बार ऐसा लगता है कि जैसे लोग अपनी जरूरत के वक्त इस्तेमाल कर लेते हैं और जैसे ही उनका वक्त सुधारता है, सब किया-कराया भूलकर चलते बनते हैं। ऐसे में बहुत दिल दुखता है और समझ नहीं आता कि खुद को कैसे संभालें।
प्रेमानंद महाराज ने दिया जवाब
प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग में आए किसी व्यक्ति ने सवाल किया कि लोग इस्तेमाल कर के छोड़ देते हैं, ऐसे स्थिति में खुद को कैसे संभालें। इसपर प्रेमानंद जी महाराज ने बहुत ही सुंदर उत्तर दिया है, जिसे हर किसी को जरूर जानना चाहिए।
ऐसा ही है ये संसार
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि सबसे पहले तो ये बात स्वीकार कर लें कि ये संसार ऐसा ही है। यहां आप किसी के लिए कितना भी करेंगे, उसके बदले आपको कोई परिणाम नहीं मिलेगा। बल्कि अपना समय आने पर लोग आपको बुरा-भला और बोलकर चले जाएंगे।
जरूरत के लिए इस्तेमाल करते हैं लोग
महाराज की कहते हैं कि इस संसार में हर कोई आपका अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करता है। यहां कोई ये नहीं सोचता कि आपने जरूरत के समय उसका साथ दिया, तो वो आपका धन्यवाद करे। बल्कि यहां तो वो इंसान आपको नीचा दिखाकर आपके विरोध में खड़े होने पर भी परहेज नहीं करेगा।
लोगों से संबंध का भाव ना रखें
महाराज जी कहते हैं इस दुख से बचने का यही उपाय है कि जब भी आप किसी के लिए कुछ करें, तो उससे संबंध का भाव रखकर ना करें। मन में ये सोचें कि आप जो कर रहे हैं, वो भगवान के लिए कर रहे हैं। किसी के लिए ये सोचकर ना करें कि वो आपका संबंधी या खास है।
अपनों से ही मिलता है दुख
आगे प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि संसार की माया ही ऐसी है कि जिसे आप अपना समझकर कुछ करेंगे, अंत में वही आपको सबसे ज्यादा दुख भी देगा। इसलिए मन में ये सोचें कि आप जो कर रहे हैं वो भगवान की सेवा में कर रहे हैं और उसके बदले भगवान से ही आशा रखें।
मन को ना करें दुखी
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि ऐसी स्थिति में मन को दुखी बिल्कुल ना करें। जब आप भगवान की सेवा का भाव मन में रखकर किसी के लिए कुछ कर रहे हैं, तो विश्वास रखें कि भगवान आपको देख रहे हैं। जो आज आपको दुख दे रहा है, उसे भी भगवान देख रहे हैं। ऐसे में मन को दुखी करना व्यर्थ है।
