नई दिल्ली:– AI दुनिया में लगातार मशहूर होता जा रहा है और अब AI से जोड़ी ही एक कहानी सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। बता दें कि बिहार के 19 साल के आनंद ने अपनी मेहनत और बचत के पैसों से मल्टीमॉडल AI मॉडल बना दिया है। जिसकी तुलना अब Google और OpenAI जैसे बड़े AI टूल्स से की जा रही है।
इस पूरे मामले की सबसे हैरानी की बात है कि आनंद ने यह प्रोजेक्ट किसी बड़ी फंडिंग या कॉर्पोरेट सपोर्ट के तैयार किया है। जिसमें उसने करीब 11 लाख रुपये अपनी तरफ से खर्च किए और AI सिस्टम को बनाया, वहीं अब इस AI की चर्चा सोशल मीडिया और टेक कम्युनिटी में तेजी से वायरल हो रही है।
512×512 इमेज और 24kHz स्पीच आउटपुट का दावा
आनंद ने अपने AI के बारें में जानकारी देते हुए दावा किया है कि उनका AI मॉडल 512×512 रेजोल्यूशन तक की इमेज जेनरेट कर सकता है और 24kHz क्वालिटी की स्पीच आउटपुट देने में सक्षम है। जानकारी में यह भी बताया जा रहा है कि इस मल्टीमॉडल सिस्टम ने निजी टेस्टिंग के दौरान OmniDocBench V1.5 पर 93.45 का स्कोर हासिल किया है। इसके अलावा आनंद अपने लैपटॉप पर टेक्स्ट-टू-वीडियो सिस्टम भी ट्रेनकर चुका है। AI एक्सपर्ट्स का आनंद के लिए कहना है कि इतनी कम उम्र में सीमित संसाधनों के साथ इतना बड़ा प्रोजेक्ट तैयार करना किसी के लिए भी शान की बात है।
मिडिल क्लास परिवार से आते हैं आनंद
आनंद के जीवन के बारे में बताए तो वहीं एक आम से मीडिल क्लास परिवार से आते हैं। जिसमें उनके पिता सरकारी अधिकारी और मां हाउसवाइफ हैं। वहीं उनकी सफलता के पीछे भी परिवार का हाछ है जिसमें उनका GPU कंप्यूट ही लगभग 64,000 रुपये का था। जो किसी भी मिडिल क्लास परिवार के लिए बड़ी रकम होती है। वहीं आनंद ने इस मुकाम को बिना किसी बड़ी निवेश कंपनी की हासिल किया है, जिसमें उनकी बचत शामिल थी। आनंद ने RunPod ग्रांट्स के जरिए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया। वहीं अभी के समय में वो करीब 35,000 डॉलर की फंडिंग की तलाश में है ताकि मॉडल को और बेहतर बनाया जा सके।
इंटरनेट पर जमकर हो रही चर्चा
जब से सोशल मीडिया को आनंद के इस AI मॉडल के बारे में पता चला है इसको लेकर एक जबरदस्त बहस छिड़ गई है। कई लोगद सोशल मीडिया पर आनंद को बिहार का टेक चमत्कार बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स को अब भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा। कुछ लोग ऐसे भी है जो इसे AI-जेनरेटेड कोड या वाइब कोडिंग का काम बता रहे है। हालांकि इतना सब सुनने के बावजूद आनंद अपने लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस कर रहे हैं।
ओपन सोर्स करने की तैयारी
जानकारी में यह भी बताया जा रहा है कि आने वाले समय में आनंद इस मॉडल के वेट्स को Hugging Face पर रिलीज करना चाहते हैं और बाद में पूरे कोडबेस को GitHub पर ओपन सोर्स करने की योजना भी बना रहे हैं। वहीं आनंद का सपना है कि भारत भी पश्चिमी देशों और चीन की तरह अपना खुद का मजबूत AI इकोसिस्टम तैयार करे, जिससे विदेश पर उसकी निरभरता कम हो सकेंगी।
