नई दिल्ली:– प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचन से हर वर्ग के लोगों को प्रभावित करते हैं। उनकी कही गई बातों को लोग खूब मानते हैं। एक प्रवचन के दौरान उन्होंने तीर्थ यात्रा को लेकर बात की और बताया कि इस दौरान किन-किन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए?
दौड़ती-भागती जिंदगी में लोग सुकून के चार पल ढूंढ लेना चाहते हैं और ऐसे में लोगों ये शांति मंदिर के आसपास बहुत मिलती है। पहले अमूनन बड़े-बुजुर्ग लोग ही तीर्थ यात्रा वगैरह करते थे। वहीं अब हर वर्ग के लोग तीर्थ यात्रा पर दिख जाते हैं। लगभग हर तीर्थ स्थल पर खूब भीड़ होने लगी है। कई लोग तीर्थ यात्रा पर तो चले जाते हैं लेकिन कुछ ही लोग इससे जुड़े नियमों को जानते हैं। वृंदावन के महान संत प्रेमानंद महाराज ने अपने एक प्रवचन में तीर्थ यात्रा से जुड़ी कुछ जानकारियां दी थी। उन्होंने इस प्रवचन में तीर्थ यात्रा के दौरान की जाने वाली गलतियों का जिक्र किया। उनका कहना है कि भूलकर भी इन गलतियों को नहीं करना चाहिए। नीचे पढ़ें उनके प्रवचन के कुछ हिस्सों को…
- प्रेमानंद महाराज के अनुसार तीर्थ स्थल पर जाकर कभी भी भंडारे का खाना नहीं खाना चाहिए। उनका कहना है कि ये भोजन संतों और विरक्त लोगों के लिए होता है। जो गृहस्थजन लोग तीर्थ यात्रा पर जाते हैं उन्हें तो उलटा दान करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मुफ्त में किए गए भोजन से सारे पुण्य नष्ट होने लगते हैं।
- वहीं प्रेमानंद महाराज का कहना है कि तीर्थ यात्रा के दौरान मंदिर में अर्पित किए जाने वाले फूल या प्रसाद पर कभी भूलकर भी अपने पैर नहीं रखना चाहिए। अगर आसपास कुछ ऐसा दिख जाए तो उसे नदी में प्रवाहित कर दें।
- उन्होंने ये भी कहा कि इस दौरान कभी भी किसी की बुरी नजर से देखना भी पाप है। ऐसे में ऐसा करने से बचना चाहिए।
- प्रेमानंद महाराज ने ये भी कहा कि तीर्थ यात्रा के दौरान कभी भी संत लोगों का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।
