छत्तीसगढ़:– प्रदेश में सोमवार से शुरू हुई तीन दिवसीय हड़ताल ने सरकारी तंत्र की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। छत्तीसगढ़ कर्मचारी एवं अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर करीब 4 लाख 50 हजार शासकीय कर्मचारी-अधिकारी काम छोड़कर आंदोलन में उतर आए
पहले ही दिन राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में असर इतना गहरा दिखा कि कलेक्ट्रेट, तहसील, नगर निगम से लेकर स्कूल और अस्पताल तक कामकाज लगभग ठप नजर आया। दफ्तरों में कुर्सियां खाली रहीं और अपने जरूरी काम लेकर पहुंचे लोग निराश होकर लौटते रहे। नईदुनिया टीम ने रायपुर के तहसील, कलेक्टर कार्यालय, नगर निगम और प्रमुख अस्पतालों की पड़ताल की। अधिकांश कार्यालय खुले जरूर थे, लेकिन अंदर सन्नाटा पसरा रहा।
